महासमुन्द 05 मार्च 2020/प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज विडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से सभी जिले के कलेक्टरों की बैठक लेकर कोरोना वायरस के लक्षण एवं बचाव के उपायों के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही सभी जिलों में इसके लिए की गई तैयारियों के बारे में भी जानकारी ली। इस संबंध में कलेक्टर श्री सुनील कुमार जैन ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिले में किए गए प्रयासों की विस्तर से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महासमुन्द जिले में खरोरा स्थित जिला चिकित्सालय में जिला स्तर पर कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी एवं सलाह के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका निःशुल्क नम्बर 90981-82842 है । जिला चिकित्सालय महासमुन्द में एक अतिरिक्त 2 बिस्तर आइसोलेशन वार्ड की स्थापना की गई है। इसके अलावा जिले के सात निजी चिकित्सालयों में आइसोलेसन वार्ड भी बनाए गए हैं। नोवेल कोरोना वायरस के सेम्पल कलेक्शन के लिए जिला स्तर में प्रर्याप्त मात्रा में टज्ड.120ए छ.95 डें357ए च्च्म् ज्ञपज.38ए ज्तपचसम स्ंलमत डें.350 उपलब्ध है । जिला स्तरीय एवं विकासखंण्ड स्तर पर रैपिड रेस्पांस टीम को सक्रिय किया गया है । उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में 01 वेंटीलेटर उपलब्ध है, जिसके संचालन हेतु दो मेडिकल विशेषज्ञ डॉ. कुलवंत आजमानी, एवं डॉ सुरभी जैन को नामित गया गया है । जिला महासमुन्द में कोरोना वायरस के संबंध में (बैनर, पाम्लेट) के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया है । कलेक्टर श्री जैन ने नगरिकों से अपील की है कि भीर भाड़ वाले जगहों पर अनावश्यक रूप से नहीं जाए किसी भी नगारिक को बुखार, सर्दी, खांसी या श्वास लेने से तकलीफ इत्यादि के लक्षण होने पर संपर्क करने को कहां है।
कोरोना वायरस
चीन के हुबई राज्य के वुहान शहर में एक नये प्रकार का कोरोना वायरस (छवअमस बवतवदं अपतनेद्ध से निमोनिया के प्रकारण पाये गये है । कोरोना वायरस एक विषाणुओं का समूह है जिससे सामान्यतः जानवारों में बीमारियाँ होती है । कभी-कभी ये मनुष्यों में संक्रमण करता है । इसमें मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण फैलने की संभावना होती है ।
प्रमुख लक्षण :- (1) सर्दी, खांसी, बुखार (2) सिरदर्द गले में खरास (3) छोटे बच्चों और बुजुर्ग व्यक्तियों में एवं ऐसे व्यक्तियों में जिनमें प्रतिरक्षण की क्षमता कम होती है में ये निमोनिया, ब्रोंकाईटिस इत्यादि गंभीर बीमारियाँ उत्पन्न करता है ।
यह कैसे फैलता है :-
(1) संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से हवा द्वारा ।
(2) संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क से जैसे छूने या हाथ मिलाने से ।
(3) संक्रमित सामाग्रियों के संपर्क में आने के बाद आँख या नाक छूने से ।
बचाव के उपाय :-
(1) संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने से बचें । (2) अपने हाथ साबुन से बार बार धोते रहें ।
(3) सामग्रियों के संपर्क में आने के बाद आँख या नाक को छूने से बचें ।
(4) सामन्य सर्दी, खांसी, बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह लें एवं घर में आराम करें ।

