स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) शहर की तर्ज पर अब गांवों में बनेंग़े सामुदायिक स्वच्छता परिसर


स्वच्छता परिसरों के निर्माण में 320 मानव दिवस तक का अकुशल श्रम मनरेगा से मिलेगा
 
महासमुंद 6अगस्त 2020/- महासमुंद जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले की सभी 551 पंचायतों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर के तहत शौचालय बनाए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमणकर्ता, एक से दूसरी जगह यात्रा करने वाले व स्थानीय लोगों को शौचालय की समुचित सुविधा मिलने के साथ ही गंदगी से निजात मिल सकेगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी  पंचायतों में सामुदायिक स्वच्छता परिसर के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2020-21में  200 से  ज़्यादा  पंचायतों में शौचालय बनाए जाएंगे। प्रत्येक स्वच्छता परिसर पर लगभग 3 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इस तरह इसके लिए  6 करोड़ रुपए व्यय होंगे । ग्राम पंचायत स्तर पर सामुदायिक शौचालय बनने से ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ काम्पलेक्स की कमी दूर हो जाएगी साथ हीं साथ गांवों में सौदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलने के साथ लोगों को सुविधा मिल सकेगी। 

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत गांवों में सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण में अकुशल श्रम की पूर्ति मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना) से की जाएगी। स्वच्छता परिसरों के निर्माण में 320 मानव दिवस तक का अकुशल श्रम मनरेगा से उपलब्ध कराया जाएगा।बता दें कि सामुदायिक स्वच्छता परिसर में शौचालय सुविधा, स्नानागार की सुविधा और कपडे धोने के लिए व्यवस्था की जाती है। इस परिसर में पानी की स्वतंत्र व्यवस्था होती है।  इसके साथ ही लोगों को इसके व्यवहार व साफ-सफाई के लिए भी जागरूक किया जाएगा।

कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल ने निर्देश दिए कि मनरेगा आयुक्त के निर्देशो का पालन करते हुएसमुचित कार्यवाही सुनिशिचत की जाए । ओडीएफ-प्लस (ODF Plus) के उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण के तहत स्वच्छता परिसरों का निर्माण सामुदायिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण कार्य है। स्थानीय स्तर पर रोजगार प्रदान करने और सामुदायिक संरचनाओं को मजबूत करने सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण के लिए 320 मानव दिवस तक का अकुशल श्रमिक अंश मनरेगा से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत निर्माण के लिए जारी प्राक्कलन एवं तकनीकी दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।

मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत     डा. रवि मित्तल ने बताया कि सभी पंचायत  पदाधिकारियों से प्रत्येक पंचायतों में स्थलों का चयन क़र जानकारी देने कहा गया है । चयनित जगहों पर यह सामुदायिक स्वच्छता परिसर बनाए जाएँगे । प्रत्येक स्वच्छता परिसर पर लगभग 3लाख रुपए व्यय किए जाएंगे।योजना के तहत ग्राम पंचायतों में अनुसूचित जाती, अनुसूचित जनजाति की बसाहट वाले क्षेत्रों, साप्ताहिक हाटबाज़ार, तालाबो के किनारे,धार्मिक स्थल, बस स्टेंड आदि स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी .
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