केएमएस 2020-21 में धान की खरीद सुचारु रूप से जारी, एक करोड़ मीट्रिक टन के आंकड़े को पार किया
20 अक्टूबर 2020 तक 66,842.28 लाख रुपये मूल्य की 2,36,748 कपास की गांठों की खरीद हुई
खरीफ विपणन सीजन (केएमएस) 2020-21 में सरकार द्वारा अपनी मौजूदा एमएसपी योजनाओं के अनुसार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीद जारी है, जिस प्रकार से विगत वर्षों में होती रही है।
खरीफ विपणन सीजन 2020-21 के लिए धान की खरीद ने अब अच्छी गति प्राप्त कर ली है और इसने एक करोड़ मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर लिया है। सात राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के 9.37 लाख किसानों से 18,880 प्रति मीट्रिक टन के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 20,180.50 करोड़ रुपये का भुगतान करते हुए 106.88 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। जबकि केएमएस 2019-20 की इसी अवधि के दौरान धान की खरीद 84.88 लाख मीट्रिक टन हुई थी। इसलिए वर्तमान सीजन में हुई खरीद पिछले सीजन से 25.92 प्रतिशत अधिक है।

राज्यों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों से खरीफ विपणन सीजन 2020 के लिए 42.46 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है। यदि अधिसूचित फ़सल अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार दर एमएसपी से नीचे चली जाती है, तो राज्य की नोडल एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत दलहन, तिलहन और खोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगी, ताकि वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पंजीकृत किसानों से सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके।
इसके अलावा 20 अक्टूबर 2020 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 863.39 मीट्रिक टन मूंग और उड़द की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की है। इस प्रकार तमिलनाडु, महाराष्ट्र और हरियाणा के 819 किसानों को 6 करोड़ 2 लाख रुपये की आय हुई है। इसी तरह से 5,089 मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों से की गई है। इस दौरान 3,961 किसानों को लाभान्वित करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 52 करोड़ 40 लाख रुपये की अदायगी की गई है। खोपरा और उड़द की फसल के लिए अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में एमएसपी पर या फिर उससे ऊपर की दर पर भुगतान किया जा रहा है। इनसे संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें खरीफ दलहन तथा तिलहन के संबंध में आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक इंतज़ाम कर रही हैं।
न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत कपास की खरीद का कार्य पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश में सुचारु रूप से चल रहा है। 20 अक्टूबर 2020 तक 66,842.28 लाख रुपये के मूल्य की 2,36,748 कपास गांठों की खरीद 46,706 किसानों से की जा चुकी है, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान केवल 2,335 गांठों की खरीद हुई थी।

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