छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा कराने राज्य सरकार से मांगी अनुमति

 गरियाबंद से थनेश्वर बंजारे की रिपोर्ट


रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षा कराने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी और अभी तक अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में 60 हजार से अधिक बच्चों का भविष्य खरते में है। ओपन स्कूल के अधिकारियों का कहना है कि इस साल असाइनमेंट बेस पर परीक्षा ली गई थी। इसमें 10वीं और 12वीं के करीब 90 फीसद बच्चे पास हो गए हैं। ऐसे में 10 फीसद बच्चों के लिए परीक्षा नहीं कराई जाएगी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के परीक्षा परिणाम में फेल और पूरक आने वाले परीक्षार्थियों को भी निराश होना पड़ रहा है। उनके लिए एक बार फिर श्रेणी सुधारने का अवसर अगस्त-सितंबर में मिलता था, लेकिन इस साल माशिमं परीक्षा नहीं करा पा रहा है। माशिमं ने परीक्षा कराने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी है और अभी तक अनुमति नहीं मिली। ऐसे में 60 हजार से अधिक बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।

छात्रों को बोर्ड में मिली है पूरक की पात्रता
10वीं में 25 हजार 487 और 12वीं 34 हजार 880 परीक्षार्थियों को पूरक की पात्रता मिली है। 10वीं में कुल 162 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गए हैं, जिसमें 39 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण और 117 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम पात्रता के अभाव में निरस्त किए गए हैं। वहीं 12वीं में कुल 241 परीक्षार्थियों के परिणाम विभिन्न कारणों से रोके गए, जिसमें 70 परीक्षार्थियों के परिणाम नकल प्रकरण के कारण, 168 परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम पात्रता के अभाव में निरस्त किए गए हैं। प्रोफेसर वीके गोयल ने बताया कि इस बार ओपन स्कूल की असाइनमेंट बेस पर परीक्षा ली गई थी। इसमें करीब 90 फीसद बच्चे पास हुए हैं। अभी अवसर परीक्षा नहीं ली जाएगी। माध्यमिक शिक्षा मंडल के बच्चों की पूरक परीक्षा को लेकर राज्य सरकार से अनुमति मांगी गई है

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