महासमुंद कामकाज के लिए अन्य प्रदेश जा रहे 81 श्रमिकों को उनके घर सुरक्षित पहुँचाया गया

पाँच ठेकेदरों के ख़िलाफ़ अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई


सभी मज़दूरों के लिए रात में रुकने और भोजन की व्यवस्था की गई


महासमुंद ज़िले के विभिन्न विकासखंड क्षेत्र के वनांचल से लगे कई गांव से दूसरे प्रांतो में बहला फुसला के ले जाने की जानकारी से ज़िला प्रशासन के साथ ज़िला श्रम विभाग के अधिकारी पूरी तरह से सजग और सतर्क है। 20 नवंबर शुक्रवार के देर रात को पिथौरा अनुविभागीय अधिकारी राकेश गोलछा और लेबर इंस्पेक्टर  बी.एल.ठाकुर को जानकारी मिलने पर पिथौरा शहर में दो पिकअप वेन और एक बस को रोका गया, जिसमें कुल 81 मज़दूरों मिले। दो पिकअप वाहन में  37  मज़दूर थे इसी प्रकार एक बस को भी रोका गया जिसमें 44 थे । श्रमिकों को उत्तर प्रदेश कामकाज के लिए  जा रहे थे। सभी मज़दूरों से श्रम इंस्पेक्टर ने जानकारी ली। मज़दूरों ने बताया कि वे अपनी मर्ज़ी से जा रहे है। इनमें 28 पुरुष, 23 महिलाएँ और 30 बच्चे जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम थी सवार थे। इन मज़दूरों में पिथौरा तहसील के 38, पड़ोसी ज़िला बलौदाबाज़ार तहसील कसडोल के 27 मज़दूर शामिल है। तहसील बसना, महासमुंद, बागबाहरा और अरंग तहसील के 4-4 मज़दूर शामिल है, जबकि जिले में मनरेगा अंतर्गत बहुत से कार्य प्रारम्भ हैं, किन्तु परम्परागत पलायन करने वाले श्रमिकों का जाना किया जा रहा है । 


कलेक्टर  कार्तिकेया गोयल ने कहा की ज़िले में राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत रोज़गार मुहैया कराया जा रहा है। लोगों को उनकी अभिरुचि और स्थानीय बाज़ार मांग अनुरूप अलग-अलग तरीक़े का प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बनाया जा रहा है। महिलाओं को भी स्वसहायता समूह से जोड़ कर उनकी आर्थिक स्थित में सुधार आ रहा है। उन्होंने ख़ासकर ग्रामीण अंचल के श्रमिकों से कहा कि वर्तमान हालत को देखते हुए अपने घर रहकर और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया। ज़िले की हर ग्राम पंचायत में मनरेगा के अलावा विभिन्न प्रकार के निर्माण संबंधी काम चल रहे है। अपनी  क्षमता के अनुसार काम कर अपनी आय बढ़ायें।


एसडीएम गोलछा ने जा रहे सभी मज़दूरों को समझाईस दी अभी वर्तमान में कोरोना (कोविड-19 ) के चलते अपने घर रह कर सुरक्षित रहे। अपने क्षेत्र/  इलाक़े में चल रहे विभिन्न मनरेगा में काम कर अपनी आय बढ़ाए। लेबर इंस्पेक्टर ने भी श्रम विभाग की विभिन्न योजना का लाभ उठाने और अपना पंजीयन करने कहा। उन्होंने कहा कि अपने इलाक़े से कामकाज के लिए जाने से पहले अपने ग्राम पंचायत सचिव के पंजीयन में निर्धारित फ़ारमेंट में संपूर्ण जानकारी दें। सभी मज़दूरों को रात में स्थानीय एकलव्य विधालय में ठहराया गया। वहीं उनके खाने-पीने और सोने की व्यवस्था की गई। आज शनिवार को सभी को उनके घरों पर सुरक्षित भेजा गया।


ज़िला  श्रम अधिकारी  डी.के.राजपूत ने बताया कि विकासखण्ड बागबाहरा के भारत पटेल ग्राम पतेरापाली, कमला बाई ग्राम आमानारा एवं विकासखण्ड पिथौरा के नंदू मोहंती, मुकेश अग्रवाल, राजेश अग्रवाल ठेकेदारों के माध्यम से श्रमिकों को पलायन करते हुए पकड़ा गया है। इन सभी ठेकेदारों के विरूद्ध अंतर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 की धारा 8 एवं धारा 12 के अंतर्गत अनुज्ञप्ति नहीं लेने एवं प्राधिकारी को सूचना नहीं दिये जाने बाबत् उल्लंघन के लिए कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया है। इनके विरूद्ध अभियोजन की कार्यवाही की जा रही है।


यह उल्लेखनीय है कि पलायन के पूर्व संबंधित ठेकेदारों के द्वारा अधिनियम के अंतर्गत अनुज्ञप्ति प्राप्त किया जाना चाहिए एवं पलायन करने वाले श्रमिक का नाम पलायन पंजी में संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा दर्ज किया जाना अनिवार्य है। उपरोक्त नियमों का पालन न किये जाने पर पलायन अवैध श्रेणी में आता है। अतः संबंधित ठेकेदार उपरोक्त नियमों का पालन करते हुए श्रम विभाग में अधिनियम अंतर्गत अनुज्ञप्ति प्राप्त कर वैध तरीके से श्रमिकों को कार्य कराने के उद्देश्य से अन्य राज्य में ले जा सकते है। अन्यथा की स्थिति में संबंधितों के विरूद्ध अधिनियमांतर्गत वैधानिक कार्यवाही की जावेगी।


अन्य राज्य में कार्य करने के उद्देश्य से प्रवास करने वाले श्रमिकों का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अथवा असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा मण्डल के अंतर्गत हितग्राही पंजीयन अवश्य करावें। ताकि उन्हें शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त हो सके। 

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