छत्तीसगढ़ सेवा न्यूज कोरबा से द्वारिका यादव की रिपोर्ट
कोरबा – कोरबा जिला से लगभग 30 किलोमीटर दूर अजगर बाहर पंचायत ग्राम सरई सिंगार से 2 किलोमीटर डाहीडार पहाड़ी इलाकों मेें आज भी यहां के लोग अंधेरों में जीवन यापन कर रहे हैं, इस पहाड़ी क्षेत्र में ज़्यादातर पहाड़ी कोरवा एवं आदिवासी वर्ग के लोग रहते हैं, कोरबा जिला को ऊर्जा नगरी के नाम से जाना जाता है, जहां बिजली के उत्पादन की जाती है, लेकिन पहाड़ी इलाकों के लोग अंधेरों में रहने को आज भी मजबूर हैं, लेकिन यह बात सत्य है कि समस्या आती है, तो समाधान साथ लाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में अंधेरों में रह रहे लोगों के लिये रोशनी का समाधान बनकर आई मास्टरमाइंड बालकों कि टीम ने गांव को रोशन करने कि ठानी, मास्टरमाइंड बालको टीम द्वारा आज 2 और सौर ऊर्जा लाइट निशुल्क लगाकर गांव को रोशन किया गया हैं, एक बार फिर से मास्टरमाइंड के टीम सौर ऊर्जा लाइट लगाकर गांव को रोशन किया गया, जिससे के लोगों खुशी का जश्नन मना रहे, सौर ऊर्जा के प्रकाश से में रह रहे लोगों को रोशनी के साथ-साथ खतरनाक जानवरों का भय नहीं रहा, पंचायत साराई सिगार के ग्रामीणों का कहना है, की कई वर्षों से हम गांव वाले अंधेरों में अपना जीवन यापन कर रहे है, और सांप बिच्छू एवं भालू जैसे खतरनाक जानवरों का भी डर बना रहता था, अंधेरा होते ही खतरनाक जानवरों का गांव में आना जाना लगा रहता था, और गांव के कई ग्रामीण खतरनाक जानवरों का शिकार एवं घायल भी हो चुके हैं, हम सब गांव वाले मास्टरमाइंड टीम को धन्यवाद करते हैं जोकि हमारे क्षेत्र में सौर ऊर्जा लाइट लग जाने से गांव तो रोशनी हुआ ही है, और साथ में जानवरों का भी खतरा नहीं रहता, सौर ऊर्जा लाइट लग जाने से गांव के बच्चे प्रकाश की रोशनी में लंबे समय तक पढ़ाई कर पा रहे हैं, पहले लाइट ना होने से लालटेन के माध्यम से पढ़ाई करना मुश्किल हो रहा था, लेकिन अब सौर ऊर्जा के प्रकाश से स्कूली बच्चों के चेहरों में खुशी दिखाई दे रहा है,और पढ़ाई के प्रति जज्बा जुनून देखने को मिला,मास्टरमाइंड टीम का कहना है कि हमारी टीम सदैव समाजसेवी जैसे कार्य आगे भी करते रहेंगे,
मास्टरमाइंड टीम ने अंधेरे गांव को किया रौशन सौर ऊर्जा लाइट लगाकर किया रौशन
नवंबर 16, 2020
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