छुरा गरियाबंद
छत्तीसगढ़ सेवा न्यूज़
रिपोर्ट -रामकुमार यादव
संपर्क सूत्र-9009867006
गरियाबंद के दुष्कर्मी बैगा को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह सजा गरियाबंद नहीं दुर्ग की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई है। गरियाबंद के इस बैगा ने दुर्ग में झाड़-फूंक के बहाने 2 युवतियों से दुष्कर्म किया था। इसके बाद इसको 14 फरवरी 2016 को गिरफ्तार किया गया था। गरियाबंद के बैगा का नाम अर्जुन सिंह ठाकुर बताया जा रहा है। यह फैसला विद्वान न्यायाधीक्ष मधु तिवारी की अदालत ने सुनाया है।
00 क्या है पूरा मामला
दुष्कर्मी बैगा अर्जुन सिंह ठाकुर (60 वर्ष) ग्राम ठेका कप्सीडीह राजिम का निवासी है। बैगा अपनी बेटी के यहां गया हुआ था। बेटी के पडोस में पीड़ित युवती का परिवार रहता है। युवती माथे पर खुजली होने की शिकायत थी। इसका इलाज झाड़ फूंक से करने का दावा अर्जुन सिंह ने किया था। इस पर युवती के पिता ने विश्वास कर इलाज प्रारंभ कराया था। दो-तीन माह बाद झाड़ फूंक के लाभ होता देख उसके पिता ने इसकी जानकारी अपने जीजा को दी। उनके जीजा की पुत्री भी पैर में सूजन के कारण परेशान थी। ड़ॉक्टर से इलाज कराने पर भी उसे लाभ नहीं मिल रहा था। इस पर वह मामा के घर कथित बैगा इलाज कराने आई थी।
00 कब हुई वारदात
घटना 11 फरवरी 2016 की बताई जा रही है। उस दिन बैगा अर्जुन सिंह पीड़िता के घर पहुंचा। उसने दोनों युवतियों को झाड़ फूंक के लिए शमशान घाट ले जाने की बात कहीं। साथ ही कहा कि युवतियों के अलावा कोई भी उनकें साथ नहीं आएगा। शमशान पहुंचने पर बैगा ने झाड़ फूंक किया। इसके बाद प्रसाद के रुप में चावल खाने को दिया। उन्हें जमीन पर लेट जाने को कहा। प्रसाद खाने के बाद दोनों युवतियों पर बेहोशी छाने लगी थी। इसके बाद बैगा ने उनके साथ अनाचार किया। बेहोशी की स्थिति में होने के कारण दोनों युवतियां विरोध नहीं कर सकीं। घर आने पर परिजनों को घटना की जानकारी दी। मामले की शिकायत पुलिस में की गई।
00 पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने शिकायत के आधार पर जुर्म पंजीबद्ध कर आरोपी को 14 फरवरी 2016 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पश्चात न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत प्रकरण पर विद्वान न्यायाधीश मधु तिवारी की अदालत इसका फैसला सुनाया। बैगा द्वारा युवतियों को दिए गए प्रसाद का रसायनिक परीक्षण कराए जाने पर उसमें नशे की दवा एल्प्राजोलम के मिक्स होने की पुष्टि हुई। इस दवा के प्रभाव के कारण युवतियां अर्द्ध बेहोशी की हालत में हो गई थी। इसके बाद बैगा ने उनके साथ घटना को अंजाम दिया था
00 न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलील और जिरह सुनी
फास्ट ट्रैक अदालत ने दोनों पक्षों की जिरह और दलील सुनी। इसके बाद विद्वान न्यायाधीश मधु तिवारी ने दोषी बैगा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
गरियाबंद के दुष्कर्मी बैगा को मिली आजीवन कारावास की सजा , जानिए उसकि करतूत
नवंबर 27, 2020
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