मीना बाजार में प्रतिदिन उमड़ रही जन सैलाब




संवाददाता नेहरू साहू की रिपोर्ट
9407900242

राजिम। 27 फरवरी से प्रारंभ राजिम माघी पुन्नी मेला महाशिवरात्रि तक लगेगा। इन दिनों मेला देखने के लिए आने वाले श्रद्धालुआंे में एकतरफा इजाफा़ हुआ है। मेले की शान मीना बाजार मेलार्थियों की भीड़ से गुलजार है। सुबह दस बजे से ही आना जाना शुरू हो जाता है, दोपहर एक बजे के बाद अपने-अपने साधन से परिवार सहित मेला का मजा लेने उपस्थित हो जाते हैं। देखते ही देखते शाम 5 बजे पांव रखने तक की जगह नहीं मिलती। यहाॅ हेलिकाप्टर झूला, टोरा-टोरा, डिस्कों झूला, आकाश झूला के साथ अनेक प्रकार के झूला मेले की शान बढ़ा रहे है। लोक बड़े चाव से झूला को झूल कर मजा ले रहे है। मौत का कुॅआ में दिखाये जाने वाले करतब रोमांचित कर रही है। क्राफ्ट बाजार में घरेलु उपयोग के सामानों के अलावा सजाने की सामग्री व पहनने के कपड़े सहित अलग-अलग डिजाइनों के आयटम खासा प्रभावित कर रहे है। छोटे बच्चें बैलुन पर रायफल से निशाना लगा कर खुश हो रहे थे, तो भेलपुरी की मांग सबसे ज्यादा है। मनियारी सामानों के साथ ही लोहे से बनी औजार जो कृषि कार्य और गृह कार्य में उपयोग होता है इनकी दुकानें अलग से सजी हुई है। राजिम मेले की मिठाई की चर्चा पूरे प्रदेश में होती है ऐसे में कलाकंद, काजू कतली, बर्फी, पेड़ा इत्यादि लोग खरीदकर राजिम मेले की मिठाई के रूप में अपने घर के सदस्यों के लिए ले जाते है। वहीं प्रसिद्ध उॅखरा मिठाई की अपनी अलग पहचान है। प्रत्येक मेला घुमने वाले उॅखरा खरीदना नहीं भूलते है। मीना बाजार वृहद् आकार में फैला हुआ है। प्रतिदिन लाखों लोग पहुंच रहे है। परिवार के साथ पहंुचे रायगढ़ के महेश, देवेश, चाॅदनी, दिप्ती ने बताया कि यह प्रदेश का प्रसिद्ध मेला है। इनकी जितनी प्रशंसा किया जाए कम है। हमें बहुत अच्छा लग रहा है। मध्यप्रदेश से पहंुचे दिव्यांश, सुखनंदन, हिमांशी ने बताया कि पहली बार राजिम मेला आए है ओर से छोर तक मेला के रंग में रंग गये है। हमें बहुत ही अच्छा लग रहा है। आने वाले वर्ष में हम पुरी फैमिली को लाएंगे।

ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Welcome to Chhattisgarh SevaLearn More
Accept !