मुख्यमंत्री
भूपेश बघेल ने कल अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल बैठक में
प्रदेश के 10 जिलों में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति व उनकी रोकथाम के
उपायों और मरीजों के इलाज के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा की। इस
समीक्षा बैठक मे बेमेतरा कलेक्टर शिव अनंत तायल, पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल वर्चुअल बैठक मे सम्मिलित हुए। कलेक्टर तायल ने
बताया कि जिला चिकित्सालय स्थित एमसीएच भवन हाॅस्पीटल मे 120 ऑक्सीजन युक्त
बिस्तर की व्यवस्था कर लिया गया है। उन्होने बताया कि नेत्र चिकित्सालय मे
40 नग ऑक्सीजन युक्त बिस्तर की व्यवस्था कर लिया गया है। इसके अलावा
सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खण्डसरा, नवागढ़, साजा एवं बेरला तथा
थानखम्हरिया के सिविल अस्पताल मे 20-20 नग ऑक्सीजन युक्त बिस्तर की
व्यवस्था किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से एयरपोर्ट के साथ-साथ रेलवे
स्टेशन, बस स्टैण्डों और अंतर्राज्यीय सीमाओं पर बाहर से आने वाले
यात्रियों की कड़ाई से टेस्टिंग कर उन्हें आवश्यकतानुसार क्वारेंटाइन सेंटर,
आइसोलेशन में रखने और अस्पताल भेजने की व्यवस्था के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए चिकित्सा स्टॉफ
सहित शासन-प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी
मेहनत के साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि बाहर से आने वाले
प्रवासी लोगों की चेकपाइंट पर टेस्टिंग कर संक्रमित लोगों को चिन्हाकित कर
उनके इलाज की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि इन लोगों से संक्रमण न फैलने
पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा संक्रमण के
मामले आ रहे हैं, वहां गांवों में हर व्यक्ति की जांच के लिए विशेष अभियान
चलाकर टेस्टिंग करने, उन्हे अलग रखने और उनकी मॉनीटरिंग की व्यवस्था करने
के निर्देश दिए। क्वारेंटाइन और होम आइसोलेशन वालों को टेलीमेडिसिन के
माध्यम से सलाह देने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय
किया जाए। उन्होंने लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश देते हुए
कहा कि चैक-चैराहों में भीड़ एकत्रित न हो। सभी जिलों से लगने वाले
अंतर्राज्यीय बार्डर सील किए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि
दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। यह सुनिश्चित
किया जाए कि हेल्थ वर्कर और फ्रंटलाइन वर्कर संक्रमण से बचने के लिए
कोविड-19 की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन करें। साथ ही हेल्थ वर्कर, फ्रंटलाइन
वर्कर और सामाजिक संगठनों द्वारा किए जा रहे सराहनीय कार्यों का व्यापक
प्रचार-प्रसार किया जाए। जिससे नकारात्मकता का माहौल न बनने पाए, इसका
विशेष ध्यान रखें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक संगठन, उद्योगपति और व्यापार जगत के लोग
भी संकट के इस समय में प्रशासन के साथ सहयोग कर रहे हैं। हम लोग लगातार
उनके संपर्क में हैं, कलेक्टर भी समय-समय पर विभिन्न वर्गों के लोगों से
संवाद स्थापित करते रहें। यह भी ध्यान रखा जाए कि आम जनता की आवश्यक
जरूरतों की पूर्ति में कोई व्यवधान न आने पाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के
वरिष्ठ अधिकारियों को टेस्टिंग किट सहित जरूरी मेडिकल उपकरणों, ऑक्सीजन
सिलेण्डर, रेमडेसिविर सहित आवश्यक दवाओं की उपलब्धता को निरंतर बनाए रखने
के निर्देश दिए। आवश्यक दवाईयों की कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
सभी जिलों में जरूरत के अनुसार मेडिकल स्टॉफ की भर्ती तत्काल की जाए।

