कलेक्टर ने कोविड के लक्षण वाले व्यक्तियों को तालाबों में निस्तारी नहीं करने के दिए निर्देश

 

लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने में मितानिनों की अहम भूमिका है: कलेक्टर डी. सिंह
महासमुंद 07 मई / कोरोना महामारी के संक्रमण को देखते हुए सम्पूर्ण जिले में कंटेनमेंट जोन प्रभावशील है। क्वारेंटाईन संेटर में रह रहें लोगों के लिए किए जा रहे समुचित व्यवस्था एवं कंटेनमेंट जोन के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं तथा कोरोना संक्रमण का विस्तार ग्रामीण अंचलों में न हो इसका जायजा लेने आज शाम कलेक्टर  डोमन सिंह ने महासमुन्द विकासखण्ड के ग्राम नरतोरा, मुनगासेर एवं ढांक क्षेत्र पहुंचे।

उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाईश दी कि वे अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें। इसके अलावा उन्होंने ग्राम स्तर पर निगरानी समिति के गठन, कोटवारों को लगातार ग्रामों में निगरानी रखने की जिम्मेदारी, ग्राम स्तर पर सूचना तंत्र के बारें में जानकारी ली।

इसके अलावा उन्होंने नरतोरा एवं मुनगासेर के क्वारेंटाईन संेटर में रहने वाले लोगों से मुलाकात कर उनके भोजन प्रबंध, स्वास्थ्य के बारें में जानकारी ली। इस दौरान नरतोरा के क्वारेंटाईन सेंटर में रह रहें लोगों ने बताया कि वे काम के सिलसिले से ओड़िशा प्रांत गए थे। इसके उपरांत वापस आकर 09 लोग यहां ठहरे हुए है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कोविड-19 का टेस्ट कराया गया था। जिसमें सभी लोगों का टेस्ट निगेटिव आया है और यहां सभी व्यक्ति स्वस्थ्य है। उन्हें घरों से चावल उपलब्ध कराया जा रहा है एवं अन्य व्यवस्थाएं पंचायत के माध्यम से किया जा रहा है।

इसी तरह मुनगासेर के क्वारेंटाईन संेटर में रह रहें लोगों ने बताया कि यहां 16 लोग झारखण्ड एवं ओड़िशा मेें ईंट भट्ठें एवं अन्य कार्य करने के लिए गए हुए थे। उनके साथ छोटे 02 बच्चें साथ है। सभी लोगों की तबियत ठीक है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन के माध्यम से उनका आॅक्सीमीटर, थर्मल गन के माध्यम से प्रतिदिन टेस्ट किया जा रहा है। इस दौरान कलेक्टर ने अपने समक्ष क्वारेंटाईन संेटर में निवासरत् लोगों का थर्मल स्कैनिंग एवं आॅक्सीमीटर के माध्यम से जाॅच कराया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों का क्वारेंटाईन सेंटर में निर्धारित दिवस पूर्ण हो चुका है तथा उनमें किसी भी प्रकार का लक्षण नहीं है और पूर्ण रूप से स्वस्थ्य है। ऐसे लोगों को अपने घर जाने की अनुमति दें। 

कलेक्टर ने नरतोरा एवं मुनगासेर के सरपंचों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य शासन के निर्देश पर पंचायत में पल्स आॅक्सीमीटर और थर्मल गन लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया है। जिससे कि लोग आसानी से जाॅच कराकर अपने स्वास्थ्य के बारें में जानकारी प्राप्त कर सकते है। इसी तरह मितानिनों को कहा कि उनके द्वारा इस संकट की घड़ी में भी सावधानी पूर्वक लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा रहा है। यह सराहनीय कार्य है। मितानिनों की भूमिका सबसे अहम् है। कलेक्टर ने मितानिनों से शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई पाॅच प्रकार की दवाईयों के बारें में भी जानकारी ली। इस दौरान मितानिनों ने बताया कि पैरासिटामाॅल, मल्टी विटामिन, जिंक, आइवर मेक्टिन एवं ओमेप्राॅजोल की दवा उपलब्ध कराई गई है। लक्षण के अनुसार मरीजों को दवाईयां दी जा रही है।

इसी तरह ग्राम ढांक के माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्र का अवलोकन किया। ग्राम सरपंच ने बताया कि यहां की जनसंख्या लगभग 1500 है। कोविड-19 टेस्ट के उपरांत 10 परिवार में से 22 लोग पाॅजिटीव मिले थे। इस दौरान इस क्षेत्र को बेरिकेटिंग किया गया है। वर्तमान में इन सभी की तबियत में सुधार हो चुका है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन को खोलने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने कहा कि कोविड-19 का संक्रमण गांव की ओर तेजी से फैल रहा है। जो कोई भी व्यक्ति बाहर से आ रहें है एवं जिनके माध्यम से किसी भी प्रकार की सामग्री ली जा रही है। उन्हें टेस्ट कराने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को अपने-अपने घरों पर ही स्नान करने की सलाह दी और पंचायतों के माध्यम से भी तालाबों में उन व्यक्तियों का निस्तारी प्रतिबंधित किया जाए। जिनमें कोविड-19 के लक्षण जैसे सर्दी, खाॅसी, बुखार, सिर दर्द सहित अन्य लक्षण परिलक्षित होते है। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश छिकारा, तहसीलदार  मूलचंद चोपड़ा, अतिरिक्त तहसीलदार  प्रमूलाल साहू सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
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