राज्य में धान खरीदी के पहले दिन 30 हजार 85 किसानों ने बेचा धान : पहले दिन 88 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी


 

किसानों में उत्साह का वातावरण

खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में धान खरीदी के पहले दिन आज एक दिसम्बर को रात्रि 8 बजे तक ऑनलाईन खरीदी प्रविष्टि जानकारी के अनुसार 30 हजार 085 किसानों से 88 हजार मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। धान बेचने किसानों में उत्साह का वातावरण है। खाद्य विभाग के अनुसार सभी खरीदी केन्द्रों में सुचारू रूप से धान खरीदी हुई है। कोरोना वायरस संक्रमण से सुरक्षा के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पंजीकृत किसानों की संख्या 24 लाख 9 हजार 453 है। वहीं कुल रकबा 29 लाख 84 हजार 920 हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जबकि गत वर्ष 2020-21 में पंजीकृत किसानों की संख्या 21 लाख 52 हजार 990 तथा रकबा 27 लाख 92 हजार 827 हेक्टेयर था।

 

ऑनलाईन खरीदी प्रविष्टि जानकारी के अनुसार 30 हजार 085 किसानों से 88 हजार मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। धान बेचने किसानों में उत्साह का वातावरण है।
अधिकारियों ने बताया कि किसान को नजदीकी धान उपार्जन केन्द्र में सुलभता से धान विक्रय कर सकें इसे दृष्टिगत रखते हुए उपार्जन केन्द्रों में वृद्धि की गई है। राज्य में इस वर्ष कुल 2459 धान खरीदी केन्द्रों के माध्यम से धान उपार्जन किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों से सुचारू रूप से धान खरीदी व्यवस्था हेतु धान खरीदी के पहले दिन से ही स्वयं के बारदाने में धान बेचने का अनुमति प्रदान कर दी है। किसानों से धान खरीदी पुराने जूट के माध्यम से भी किया जा रहा है। इसके लिए राज्य शासन द्वारा 18 रूपए प्रति बोरा निर्धारित दर को बढ़ाकर 25 रूपए प्रति बारदाना कर दिया गया है। पुराने बारदाने की कीमतों में वृद्धि करने से किसानों को अतिरिक्त लाभ होगा। इससे किसानों में हर्ष व्याप्त है। इसके लिए किसानों ने राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है।


खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसानों द्वारा अपने निकटतम खरीदी केन्द्रों में उत्साहपूर्वक धान का विक्रय किया गया। धान खरीदी व्यवस्था से भी किसान संतुष्ट हैं। धान उपार्जन केन्द्र उमापुर जिला सूरजपुर की महिला कृषक द्वारा टोकन कटवाने के बाद अपने उपज का तुरंत विक्रय होने से खुशी का इजहार किया। इसी तरह बरदर में नवीन धान खरीदी केन्द्र खोलने से हुई सहुलियत के लिए अमरनाथ सिंह, किसानराम सहित अन्य किसानों ने खुशी जाहिर की और व्यवस्था को संतोषजनक बताया। 

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