ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानक सागर साहिब में 'होला महल्ला' की धूम, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने किया नवनिर्माण का भूमि पूजन
होला महल्ला के पावन अवसर पर गुरुद्वारा साहिब में हुआ 'टक्क' विधान, विधायक डॉ संपत अग्रवाल बोले-गुरु चरणों से पवित्र बसना की धरा अब विश्व पटल पर चमकेगी
जो बोले सो निहाल: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने गुरु चरणों में टेका मत्था, नवनिर्माण की रखी आधारशिला
बसना। छत्तीसगढ़ की पावन धरा और बसना विधानसभा के ऐतिहासिक ग्राम गढ़फुलझर में 'होला महल्ला' के अवसर पर भक्ति, शक्ति और सेवा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। गुरु नानक देव जी की चरण धूलि से सुशोभित ऐतिहासिक गुरुद्वारा नानक सागर साहिब (पातशाही पहली) में गुरुद्वारा परिसर के भव्य नवनिर्माण हेतु 'भूमि पूजन एवं टक्क' का ऐतिहासिक कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के कार्यक्रम स्थल पहुँचते ही 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों से पूरा परिसर गूँज उठा। सिख समाज के पारंपरिक रीति-रिवाजों और 'पंच प्यारों' की अगुवाई में अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री और विधायक डॉ. अग्रवाल ने गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष शीश नवाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आपसी भाईचारे की अरदास की।
सिख धर्म की परंपराओं के अनुरूप, गुरुद्वारा साहिब के प्रस्तावित भव्य ढांचे के लिए विधिवत 'टक्क' (भूमि पूजन) लगाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने प्रतीकात्मक रूप से कार्य का शुभारंभ किया। इस नवनिर्माण से गुरुद्वारा नानक सागर साहिब आने वाले समय में देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।
बसना की जनता के चहेते और विकास पुरुष के रूप में पहचान बना चुके विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने संगत को संबोधित करते हुए भावुक और प्रेरक विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज मेरा जीवन धन्य हो गया कि मुझे गुरु नानक देव जी की इस पावन भूमि की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। गढ़फुलझर की यह धरती केवल एक स्थान नहीं, बल्कि शांति और मानवता का प्रतीक है। गुरु नानक देव जी यहाँ रुके थे, उनके चरणों की ऊर्जा आज भी यहाँ महसूस की जा सकती है। यह नवनिर्माण केवल ईंट और पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि हमारी आस्था और श्रद्धा का प्रतिबिंब होगा।
विधायक डॉ. अग्रवाल ने विकास के रोडमैप पर जोर देते हुए आगे कहा कि पइस शुभ अवसर पर मैं यह विश्वास दिलाता हूँ कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में हमारी सरकार इस पवित्र स्थल को विश्व-स्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। संसाधनों की कोई कमी आड़े नहीं आएगी, क्योंकि जहाँ गुरु की कृपा हो, वहाँ काम कभी नहीं रुकते।
आयोजन के दौरान होला महल्ला की प्रासंगिकता को दर्शाते हुए गतका (सिख मार्शल आर्ट) का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया गया। रागी जत्थों ने गुरुबाणी के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय कर दिया। विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने सिख समाज की सेवा भावना की सराहना करते हुए कहा कि 'होला महल्ला' हमें जुल्म के खिलाफ खड़े होने और मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम,प्रदेश भाजपा महामंत्री अखिलेश सोनी,अध्यक्ष क्रेड़ा भूपेंद्र सिंह सवन्नी, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा,अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सिक्ख फोरम बलदेव सिंह छाबड़ा,बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर,पूर्व विधायक सरायपाली रामलाल चौहान,स्काउट गाइड आयुक्त छत्तीसगढ़ इंदरजीत सिंह खालसा,जत्थेदार कार सेवा नानक साहब जत्थेदार बाबा साहेब, जिलाध्यक्ष भाजपा महासमुंद एतराम साहू,जिला महामंत्री भाजपा जितेंद्र त्रिपाठी,प्रधान नानक साहब गुरुद्वारा कमेटी गढ़फुलझर हरजिंदर सिंह ' हरजू ',गढ़फुलझर सरपंच हरप्रीत कौर,अमृतपाल सिंह ओबेरॉय,सरदार हरकृष्ण सिंह,रोमी सलूजा,जसवंत सिंह जस्सी, सुवर्धन प्रधान, अध्यक्ष बाबा बिसा सहे कुल कोलता समाज गिरधारी साहू,सचिव गुरुद्वारा कमेटी बसना मुखविंदर सिंह रंधावा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सिख समाज के गणमान्य नागरिक और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। सभी ने विधायक डॉ. संपत अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की, जिनके समन्वय से यह ऐतिहासिक आयोजन सफल हो सका।

