महासमुंद, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली के 22 ग्राम पंचायतों में कृषक चौपाल एवं कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम आयोजित

जिले में खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम अंतर्गत 30 जून तक रासायनिक उर्वरकों के सीमित व समझदारी पूर्ण उपयोग और प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों व आम नागरिकों में जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कृषक चौपाल एवं कृषक संगोष्ठी कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज विकासखण्ड महासमुंद में 5 ग्राम पंचायत, बसना में 8, पिथौरा में 2 एवं सरायपाली में 7 कुल 22 ग्राम पंचायतों में कृषक चौपाल एवं कृषक संगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कृषक चौपालों में कृषि वैज्ञानिकों एवं विभागीय अधिकारियों ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से भूमि की प्राकृतिक उर्वरता एवं दीर्घकालिक उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती मिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो पारंपरिक ज्ञान पर आधारित टिकाऊ एवं आर्थिक रूप से व्यवहार्य खेती पद्धति है। कार्यक्रमों में किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक खेती के लाभ, हरी खाद एवं नील हरित काई के उपयोग, तथा जैविक उत्पादों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। साथ ही किसानों को यूरिया एवं डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके, एसएसपी, जैव उर्वरक, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, जैविक खाद एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों’’ के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। कृषि विभाग द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी गई।
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