हम आपको बता दें छाती के दर्द के कई कारण हो सकते हैं। पेट में अल्सर, गैस्टिक और टीबी जैसे रोग भी सीने में दर्द के कारक हैं इसलिए इसे हमेशा हार्ट अटैक से जोड़कर डरने की जरुरत नहीं है।
हालांकि सीने में किसी भी तरह का दर्द नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है, इसलिए ऐसी किसी भी समस्या का पता चलते ही डॉक्टर से संपर्क करने में ही भलाई है।
हार्ट अटैक के Symptoms
जानकारी के लिए बता दें धमनियों के सिकुड़ने के कारण रक्त के आवागमन में बाधा पहुंचती है और धमनियों में रक्त का थक्का बनने लगता है जिससे ऑक्सीजन दिल तक नहीं पहुंच पाता। ऐसी स्थिति में सांस लेने में मुश्किल होने लगती है और सीने में दर्द शुरु हो जाता है।
इस तरह की बीमारी को एनजाइना कहा जाता है। एनजाइना पर यदि समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया तो जिंदगी का भी खतरा रहता है।
इसी के साथ अत्यधिक तनाव भी सीने में दर्द का कारण होता है। हृदय मज्जा और तंतुओं से बना होता है। अतः इनमें किसी भी प्रकार का विकार उत्पन्न होनें पर सीने में तकलीफ बढ़ जाती है।
साथ ही थकान , सांस लेने में तकलीफ और चक्कर आने जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। कुल मिलाकर हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में किसी भी तरह का विकार सीने में दर्द को जन्म देता है।

