कोरोना संकमण के आपातकाल में जहाँ एक तरफ दिन प्रति -दिन संक्रमण का फैलाव तीव्र गति से छत्तीसगढ़ के विभिन जिलों में बढ़ने लगा है। जिसे काबू पाना सरकार व छतीसगढ प्रशासन व स्वास्थ्य अमला के लिए एक कड़ी चुनोती बनता जा रहा है। वैसे में केंद्र सरकार द्वारा स्कूल कॉलेजों को संक्रमण के फैलाव के डर से एतिहातन 30 सितंबर तक के लिए बन्द करने के फैसले के बाद भी छ .ग सरकार के बेतुके तर्क के आधार पर छतीसगढ सम्पूर्ण राज्य के अंदर आगामी 7 तारिक से सभी आँगबाड़ी केंद्रों को खोल कर सुचारू रूप से महिला बाल विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य प्रारम्भ करना छोटे बच्चो में संक्रमण के फेलावो के एक मौके को बढ़ावा देने जैसा खतरनाक कदम है। वह भी उस वक्त जब छतीसगढ के सभी जिलों में कोरोना सक्रमण से ग्रषित मरीजों की संख्या प्रति दिन बढ़ रही है।
छतीसगढ जनता कॉंग्रेस जे के प्रदेश सचिव श्री धर्मेन्द्र आँचल जी ने बयान में सरकार के इस अड़ियल आदेश की निंदा करते हुए कहा कि ,सरकार बिना सोचे समझे संक्रमण के तीव्र बढ़ावा काल मे छोटे -छोटे बच्चो को के शेहत से खिलवाड़ कर रही है। जिस समय में WHO,UNISF 1से 15 वर्ष के बच्चो को सुरक्षित रहने हेतु घर मे रहने की सलाह दे रहा है। वैसे संक्रमण के सबसे बड़े फैलाव के वक्त छ .ग सरकार का 2 से 5 वर्ष तक बच्चो के लिए संचालित आँगबाड़ी केंद्रों को खोलने का आदेश देना एक बेहद बच्चो के दृष्टिकोण से खतरनाक कदम हो सकता है। आँगबाड़ी केंद्रों को खोलने के पीछे कुपोषण को रोकने हेतु सूखा राशन वितरण प्रणाली का जमीनी स्तर पर सही रिजल्ट नही आना बताया जा रहा है। जबकि महिला बाल विकास विभाग की मंत्री व राज्य के मुख्य मंत्री द्वारा विधानसभा में पूरे देश मे कोरोना कॉल में कुपोषण को रोकने हेतु सूखा राशन वितरण योजनाओं के शत प्रतिशत सफलता हेतु अपनी पिट थफ थाफाई ।
छतीसगढ जनता कॉंग्रेस जे के प्रदेश सचिव ने बयान में आगे कहा कि सरकार छतीसगढ में पांचवी अनुसूची के कानून का पालन करते हुए कोरोना कॉल में बिना ग्राम सभा व ग्राम पंचायतों से सलह एवं अनुमोदन लिए ,आँगबाड़ी केंद्रों को खोल छोटे बच्चो में संकमण फैलने का खतरा न उठाएं ,श्री सचिव जी ने इस संवेदनशील विषय पर छतीसगढ के सभी जनप्रतिनिधियों व छत्तीसगढ़ प्रशासन से अपील करता है। कि मानवीय दृष्टिकोण से अभी आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने के अपने फैसले पर पुनः विचार कर इस फैसले को जन वह छतीसगढ हित मे वापस ले ,छतीसगढ जनता कॉंग्रेस जे आगामी दिनों में छतीसगढ प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से मिल पालकों की अपने बच्चो के प्रति चिंता को ज्ञापन सौप निराकरण की मांग रखेगा।।
छतीसगढ जनता कॉंग्रेस जे के प्रदेश सचिव श्री धर्मेन्द्र आँचल जी ने बयान में सरकार के इस अड़ियल आदेश की निंदा करते हुए कहा कि ,सरकार बिना सोचे समझे संक्रमण के तीव्र बढ़ावा काल मे छोटे -छोटे बच्चो को के शेहत से खिलवाड़ कर रही है। जिस समय में WHO,UNISF 1से 15 वर्ष के बच्चो को सुरक्षित रहने हेतु घर मे रहने की सलाह दे रहा है। वैसे संक्रमण के सबसे बड़े फैलाव के वक्त छ .ग सरकार का 2 से 5 वर्ष तक बच्चो के लिए संचालित आँगबाड़ी केंद्रों को खोलने का आदेश देना एक बेहद बच्चो के दृष्टिकोण से खतरनाक कदम हो सकता है। आँगबाड़ी केंद्रों को खोलने के पीछे कुपोषण को रोकने हेतु सूखा राशन वितरण प्रणाली का जमीनी स्तर पर सही रिजल्ट नही आना बताया जा रहा है। जबकि महिला बाल विकास विभाग की मंत्री व राज्य के मुख्य मंत्री द्वारा विधानसभा में पूरे देश मे कोरोना कॉल में कुपोषण को रोकने हेतु सूखा राशन वितरण योजनाओं के शत प्रतिशत सफलता हेतु अपनी पिट थफ थाफाई ।
छतीसगढ जनता कॉंग्रेस जे के प्रदेश सचिव ने बयान में आगे कहा कि सरकार छतीसगढ में पांचवी अनुसूची के कानून का पालन करते हुए कोरोना कॉल में बिना ग्राम सभा व ग्राम पंचायतों से सलह एवं अनुमोदन लिए ,आँगबाड़ी केंद्रों को खोल छोटे बच्चो में संकमण फैलने का खतरा न उठाएं ,श्री सचिव जी ने इस संवेदनशील विषय पर छतीसगढ के सभी जनप्रतिनिधियों व छत्तीसगढ़ प्रशासन से अपील करता है। कि मानवीय दृष्टिकोण से अभी आंगनबाड़ी केंद्रों को खोलने के अपने फैसले पर पुनः विचार कर इस फैसले को जन वह छतीसगढ हित मे वापस ले ,छतीसगढ जनता कॉंग्रेस जे आगामी दिनों में छतीसगढ प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से मिल पालकों की अपने बच्चो के प्रति चिंता को ज्ञापन सौप निराकरण की मांग रखेगा।।

