महासमुंद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने की विभागीय कामकाज की समीक्षा सखी वन स्टॉप सेंटर का किया अवलोकन

महासमुंद/- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने आज महासमुंद पहुँच कर महिला बाल विकास द्वारा संचालित  सखी वन स्टॉप सेंटर  का निरीक्षण किया । अधिकारियों-कर्मचारियों से बातचीत की । नायक ने ज़रूरी सुविधाओं की जानकारी ली । किरणमयी नायक ने कहा कि  समृद्ध व सशक्त समाज की परिकल्पना महिला के उत्थान के बिना नही की जा सकती 


प्रदेश सरकार ने महिलाओं के हित में अनेक फैसले लिए है। प्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने महिलाओं के हितों की देखभाल व उनका संरक्षण करने महिलाओं के प्रति भेदभाव व्यवस्था को समाप्त करने, हर क्षेत्र में उन्हें विकास के सामान अवसर दिलाने एवं महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों, अपराधों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए प्रदेश में राज्य महिला आयोेग की स्थापना  की गई है ।


महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री मनोज सिन्हा ने बताया कि इस सेंटर में सभी वर्ग की महिलाओं जिसमें 18 वर्ष आयु से कम उम्र की बालिकाएं भी शामिल हैं ,सलाह, सहायता, संरक्षण और छत मिल जाती है। सखी वन स्टॉप सेंटर ने घरेलू हिंसा, दैहिक शोषण, बाल यौन शोषण, देहज प्रताड़ना, व्यक्तिगत विवाद, छेड़छाड़, लापता महिलाओं की तलाश जैसी समस्या के 457 प्रकरण दर्ज किए और लगभग सभी का निपटारा कर दिया। वर्तमान में सिर्फ 21 प्रकरण ही प्रक्रियाधीन है। सेंटर में पीड़ित महिलाओं को सभी जरूरी सुविधाएं एक स्थान पर उपलब्ध करायी जा रही है। सखी सेंटर में शिकायत करने वाली पीड़िताओं को एफआईआर, चिकित्सा, लीगल परामर्श की सुविधा के साथ ही अस्थायी आश्रम की सुविधा भी दी जा रही है। 


महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला संरक्षण  अधिकारी पूनम कोसरिया ने बताया कि महासमुंद में  1 अक्टूबर 2017 से शुरू हुए इस सेंटर में  आज 2 अक्तूबर तक 457 पीड़ितों के प्रकरण दर्ज हुए। महिलाओं को इस सेंटर में भरपूर मदद मिल जाती है। सेंटर में नोडल अधिकारी, केंद्र प्रशासक परामर्शदाता, आईटी केसवर्क वर्कर,  बहुउद्देश्यीय कर्मचारी सहित 12 महिलाओं का स्टॉप कार्यरत है। यहां स्टॉफ में सभी महिलाएं हैं। शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास के मार्गदर्शन में समुचित कार्रवाई की जाती है। नायक ने इस काम की उनकी सराहना की । आगे भी महिलाओं के उत्थान में काम करने की बात कही । नायक ने निरीक्षण से पहले महिलाबाल विकास के कामकाज और गतिविधियों की समीक्षा की । समीक्षा के दौरान  ज़रूरी  बात कही । बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए  गर्मपोस्टिक भोजन कराने पर ज़ोर दिया

ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Welcome to Chhattisgarh SevaLearn More
Accept !