राजिम से नेहरू साहू कि रिपोर्ट
केन्द्र सरकार द्वारा लाये गये तीन कानूनों जो कि कारपोरेट हितैषी तथा कृषि, किसान और आम उपभोक्ता विरोधी कानून है। जिसका विरोध अध्यादेश लाये जाने के समय से ही हो रहा है जो एक देशव्यापी किसान आंदोलन का स्वरूप ले चुका है।
देश भर के 350 संगठनों के समन्वय से बनी अखिल भारतीय राष्ट्रीय किसान समन्वय संघर्ष समिति के आव्हान पर छत्तीसगढ़ में किसानों, मजदूरों व प्रगतिशील सामाजिक संगठनों सहित 25 जान संगठनों के समन्वय से बनी छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में 05 नबम्बर दिन गुरुवार को दिन के 12.00 बजे से अपरान्ह 4.00 बजे तक राष्ट्रीय राजमार्गों पर चक्काजाम किया जाना है।
उक्त आशय की जानकारी देते हुए अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष मदन लाल साहू, सचिव तेजराम विद्रोही, किसान भुगतान संघर्ष समिति के संयोजक एवं जिला पंचायत सदस्य महासुन्द जागेश्वर (जुगनू) चन्द्राकर, गोविंद चन्द्राकर, ललित कुमार साहू ने कहा कि जब कांग्रेस पार्टी विपक्ष में थी तब उन्होंने एक नवंबर से समर्थन मूल्य में धान खरीदी व्यवस्था को लागू करने का वकालत की थी । एक-एक दाना धान खरीदने की मांग करती थी, परंतु जब सत्ता में है तब किसानों के मांगों की ओर ध्यान ही नहीं दे रही हैं। सरकार द्वारा आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र से किसानों को काफी उम्मीदें थी कि किसानों को पंजाब सरकार की तर्ज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी तो मिलेगी, लेकिन निराशा हाथ लगी। वही दूसरी ओर भाजपा धान खरीदी के नाम पर केवल राजनीति ही कर रही है क्योंकि जब वह सत्ता में थी तो 2015 में धान खरीदी की सीमा 25 क्विंटल प्रति एकड़ से घटाकर 10 क्विंटल प्रति एकड़ कर दी थी और किसान आंदोलन के दबाव में 14 क्विंटल 80 किलो प्रति एकड़ की, जो आज भी जारी है । इस प्रकार 10 क्विंटल प्रति एकड़ का नुकसान भाजपा की सरकार ने किया था । भाजपा की केन्द्र सरकार भी किसानों को सभी जगह न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारण्टी देने के मूड में नहीं है बल्कि कॉरपोरेट घरानों के हित मे कृषि, किसान व आम उपभोक्ता विरोधी काले कानून को लाया है। ऐसे में किसान दोनों दलों के राजनीतिक पाट में पिसे जा रहे हैं।
केन्द्र एवं राज्य सरकार की कारपोरेट परस्त तथा किसान, कृषि व उपभोक्ता विरोधी नीतियों के खिलाफ किसान 05 नवम्बर को राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 06 घोडारी पूल के पास दिन के 12 बजे से चक्काजाम करेंगे।

