वनरक्षक द्वारा मजदूरी में कटौती व फर्जी हाजिरी भरने को लेकर मजदूरों ने युवा संघर्ष मोर्चा जिलाध्यक्ष को लिखित में दिया ज्ञापन...

मैंनपुर(अमलीपदर) मकरध्वज प्रधान
मैंनपुर-उदंती अभ्यारण्य के रहवासियों को मूलभूत सुविधा हेतु हर बार संघर्ष करते हुए देखा गया है, यहां के रहवासियों को रोजगार देने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों में लिया जाता है। लेकिन इन कार्यों में भी ग्रामीणों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार किया जा रहा है, मामला क्या है कहां का है संक्षेप में जानिए

मैनपुर... उदंती अभ्यारण्य क्षेत्र के ग्राम बरगांव, कुर्रुभाटा के ग्रामीण मजदूरों ने वनरक्षक द्वारा मजदूरी में कटौती एवं फर्जी हाजिरी भरने के संबंध में युवा संघर्ष मोर्चा गरियाबंद जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप को लिखित में आवेदन दिया गया है। ग्रामीण मजदूरों के अनुसार उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व उत्तर उदंती बीट क्रमांक 03 (बरगांव, कुर्रुभाठा) में विगत 1 माह पूर्व अक्टूबर में प्लाट का कार्य में स्थानीय ग्रामीणों को दैनिक मजदूरी ₹295 की दर से कार्य में लगाया गया। जिसमें लगभग 20 ग्रामीण मजदूर द्वारा कार्य किया गया है। उक्त किए गए कार्यों में दैनिक मजदूरी में भारी कटौती किया गया है, एवं हमारे द्वारा कार्य में नहीं जाने पर भी हमारे नाम से हाजिरी भर कर पैसा आहरण किया गया है जिसकी हमें किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है‌। कुछ मजदूरों को तो कार्य में गए थे लेकिन उनको बजट कम है करके वापस घर भेज दिया गया। जबकि बजट आखिर कम था तो हमारे नाम से हाजिरी कैसे भरा गया उक्त मामले की जांच होनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वाले नवीन कुमार, सुभाष कुमार, जितेंद्र कुमार, गजेंद्र कुमार, देव कुमार ध्रुव, रमेश, महान सिंह नागेश, भाव सिंह नेताम, खामसिंह सोरी आदि ग्रामीण मजदूरों ने बताया कि हमारे द्वारा किए गए कार्य में मजदूरी राशि प्रत्येक दिन के हिसाब से कम मिला, एवं हमारे नाम से हमारे द्वारा बिना कार्य में गए हुए हाजिरी भरा गया है, हमारे कुछ साथी मजदूरों द्वारा कार्य करने प्लाट में पहुंच गए थे, लेकिन बजट कम है के हवाला देकर उन्हें घर वापस भी कर दिया गया, हमें शासन से न्याय की अपेक्षा है,

इस संबंध में युवा संघर्ष मोर्चा गरियाबंद जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप ने कहा- कि यहां दुर्भाग्य की बात है की एक और शासन सुदूर ग्रामीण अंचलों रोजगार देने के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यो में लिया जाता है, लेकिन उसमें भी भ्रष्टाचार और बंदरबाट करने में पीछे नहीं हट रहे कर्मचारी। इसीलिए हमारे क्षेत्र में विकास नहीं हो पा रहा है। प्लाट कार्य में गए मजदूरों ने मुझे लिखित में आवेदन दिया है। मैं त्वरित ही वन विभाग के वन मंडलाधिकारी एवं जिलाधीश महोदय जी को अवगत कराऊंगा, एवं निष्पक्ष यह निष्कर्ष निकालते तक संघर्ष करूंगा।


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