राजिम से संवाददाता नेहरू साहू कि रिपोर्ट
ग्राम पंचायत की अड़ियल रवैय्या जारी मकान खाली करने जारी की नोटिस
समर्थन में आये पूर्व कृषिमंत्री चंद्रशेखर साहू
ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा द्वारा जब्त धान फसल को पीड़ित परिवारों को वापस दिलाने की मांग को लेकर पीड़ितों के पक्ष में तहसील कार्यालय राजिम के पास आज अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव तेजराम विद्रोही व पीड़ित किसान फत्तेलाल साहू, मोहन लाल साहू, ठाकुरराम पटेल दीनू राम साहू अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
अनशनकारियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने की सूचना 4 नवम्बर को जिला कलेक्टर गरियाबंद, पुलिस अधीक्षक गरियाबंद, अनुविभागीय अधिकारी राजिम, तहसीलदार राजिम, थाना प्रभारी राजिम को दिए थे। जब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के लिए टेन्ट लगाया जा चुका था तो तहसील प्रशासन द्वारा टेन्ट जबरदस्ती हटवा दिया गया। इससे नाराज किसानों ने खुले आसमान के नीचे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दिया है।
हड़तालियों के समर्थन में राजिम पहुंचे पूर्व कृषि मंत्री चंद्रशेखर साहू ने किसानों को उनके जब्त उपज को वापस दिलाने की बात कही है।
पीड़ितों के पक्ष में अनशन पर बैठे तेजराम विद्रोही ने कहा कि जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा में पंचायत पदाधिकारी और ग्राम के मुखिया स्वयं भी शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किये हुए हैं जिनकी संख्या 50 से ऊपर है और वे अपना फसल काटकर घर ले जा रहे हैं लेकिन 27 परिवारों को ही बेदखल करने उनकी फसल को जब्त किया जा रहा है जिसे तैयार करने पीड़ितों ने अपनी जमा पूँजी खर्च चुके हैं। फसल जब्त होने से पीड़ित किसान और उनका परिवार काफी हताशा में थे। आगामी सबसे बड़ी त्योहार है उनके सामने तैयार फसल काटकर लेकर चले गए तो उनकी पीड़ा को सहानुभूति से ही समझा जा सकता है। ग्राम पंचायत द्वारा अनाज को छीनना न्यायसंगत नहीं है।
ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा द्वारा जब्त धान फसल को पीड़ित परिवारों को वापस मिलने से उन्हें संतुष्टि मिलेगी।
गौरतलब है कि माननीय उच्च न्यायालय द्वारा किसानों को उनके बोये जमीन पर किसी भी प्रकार से कार्यवाही करने से रोकने स्थगन आदेश प्राप्त हुआ है। बावजूद इसके माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के आदेश का अवमानना किया जा रहा है। सरपंच का हौसला इतना बुलंद है कि हड़ताल में बैठे हुए परिवार के महिला को मकान खाली करने का नोटिस जारी किया है।
हड़ताल में चमेली बाई पटेल, बिमला वर्मा, कांति बाई पटेल, शाम बाई साहू, लक्षणी बाई साहू, फुलबती, पोखराज, भेकुमार, थानरू, आसन, मदन लाल, पुराणिक साहू सहित पीड़ित परिवार मौजूद रहे।


