*छत्तीसगढ़ सेवा न्यूज कोरबा से द्वारिका यादव की रिपोर्ट *
कोरबा/पाली:- कटघोरा वनमंडल अंतर्गत दो बुजुर्ग महिलाओं समेत कई लोगों को अपना शिकार बनाने वाले हिंसक भालू को वन विभाग ने रेस्क्यू आपरेशन कर पिंजरे में कैद कर लिया और जिसे कानन पेंडारी ले जाया जा रहा था लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि वन विभाग उक्त भालू को चैतुरगढ के जंगल मे छोड़ने जा रहा है।विभाग की यह लापरवाही और भी गंभीर मसला बन सकता है जिसका जिम्मेदार आखिर कौन होगा..?
ज्ञात हो कि रविवार को नवापारा गांव में रहने वाली दो वृद्ध महिला लक्ष्मणिया (70) व पुनिया (65) पर एक हिंसक भालू ने उस वक्त हमला कर दिया जब वे झाड़ू बनाने के लिए फुल बहरी काट रहे थे।पुनिया बाई को बुरी तरह भालू ने घायल कर दिया जबकि लक्ष्मीया बाई को घसीट कर जंगल की ओर ले गया था।लापता महिला की लाश सोमवार को जंगल में मिली।इस बीच ग्रामीणों ने महिला को ढूंढने एक समूह बनाकर जंगल की ओर निकले थे तभी भालू ने भीड़ पर भी हमला कर दिया था तब जाकर बिलासपुर के कानन पेंडारी से पहुंची वन विभाग की टीम ने भालू को पकड़ने रेस्क्यू किया।इस दौरान जंगल में लापता महिला लक्ष्मीनिया की लाश मिली करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू के बाद ट्रेंकुलाइज कर भालू को बेहोश करने में टीम सफल रही।बेहोश अवस्था में पिंजरे में बंद कर भालू को कानन पेंडारी बिलासपुर लेकर जाने निकली वन अमला की टीम पाली के मध्य एकाएक ठहर गई जिसके बाद ऐसा क्या हुआ कि उक्त भालू को कानन पेंडारी ले जाने के स्थान पर चैतुरगढ के जंगल मे छोड़ने निकल पड़े है।भालू काफी आक्रमक हो चुका है ऐसी स्थिति में उसे चैतुरगढ़ जंगल के आसपास छोड़ा जाना खतरनाक साबित होगा इस बात का अंदेशा होते हुए भी वन विभाग की लापरवाही और भी गंभीर मसला बनकर सामने आ सकता है आखिरकार जिसका जिम्मेदार कौन होगा...?

