समग्र सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के लाभ प्रदान किए जाएंगे
गया, इंदौर, ककचिंग, निजामाबाद, राजकोट और वाराणसी में पायलट कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे
आवासनएवं शहरी कार्य मंत्रालय में सचिव दुर्गा शंकर मिश्राने आज पीएम-स्वनिधियोजना के अतिरिक्त घटक के रूप में पीएम-स्वनिधि के लाभार्थियों और उनके परिवारों की सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइलबनाने के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधि और राज्य अधिकारी भी उपस्थिति थे। इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक पीएम-स्वनिधि लाभार्थी और उसके परिवार के सदस्यों की पूरी प्रोफाइल तैयार की जाएगी। प्रोफाइल के आंकड़ों के आधार पर विभिन्न पात्र केंद्रीय योजनाओं के लाभ उनके समग्र सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए प्रदान किए जाएंगे।
यह शुरुआत माननीय प्रधानमंत्री के विज़न के इस संदर्भ में की गई है कि पीएम-स्वनिधि योजना को स्ट्रीट वेंडरों को ऋण प्रदान करने के परिप्रेक्ष्य में ही नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे स्ट्रीट वेंडरों और उनके परिवारों के समग्र विकास तथा सामाजिक-आर्थिक उत्थान की पहुंच के साधन के रूप में भी देखा जाना चाहिए।
पहले चरण मेंइस कार्यक्रम के लिए125 शहरों का चयन किया गया है। यह प्रोफ़ाइल केंद्र सरकार की योजनाओं के चयन और उससे जुड़ी सुविधाओं के लिए लाभार्थियों और उनके परिवारों की संभावित योग्यता की पहचान करने में मदद करेगी। इसके अलावा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पास अपने संबंधित राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों की विशिष्ट कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार करने का भी विकल्प उपलब्ध होगा। मैसर्स क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) को इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन भागीदार के रूप में नियुक्त किया गया है।
इस योजना को पूरी तरह शुरू करने से पूर्व आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय छह शहरों- गया, इंदौर, ककचिंग, निजामाबाद, राजकोट और वाराणसी में एक पायलट कार्यक्रम चलाएगा।
आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्ट्रीट वेंडरों को काम करने के लिए 10,000 रुपये तक का कार्यशील पूंजीगत ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 01 जून, 2020 से प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम-स्वनिधि) योजना लागू की है, ताकि वे कोविड-19 महामारी के कारण बुरी तरह से प्रभावित अपनी आजीविका को फिर से शुरू कर सकें।

