दीगर प्रान्त से भी लोगो ने कोरियर के माध्यम से भेजा मोबाईल।
सायबर सेल स्पेशल डेस्क ने महासमुन्द जिले में गुम हुये 115 मोबाईलों को किया बरामद जिनकी कीमत लगभग 20,00,000/- (बीस लाख) रूपयें।
महासमुन्द जिले के सभी थाना क्षेत्रों में आमजनों लोगों के मोबाईल गुम/चोरी हो गये थे बहुत से लोग ऐसे थे जो मोबाईल में स्थित डाटा/मोबाईल काॅन्टेक्ट नं0 के कारण लोग मोबाईल की कीमत पर न जाकर उसमें स्थित डाटा/कौन्टेट नं0 के कारण मोबाईल को पुनः प्राप्त करना चाहते थे। हम में से प्रत्येक व्यक्ति का वर्तमान स्थिति में मोबाईल जीवन का अभिन्न अंग बन चुका हैै हम अपने मोबाईल में ऐसे जानकारियाॅं सुरक्षित रखते है जिसका दिन प्रति दिन एवं भविष्य उपयोंग में आने की पूर्ण संम्भावना रहती है चाहे व्यापार वर्ग से जुडे हुये हो, प्राईवेट सेक्टरों में काम करने वाले हो, या सरकारी संस्थानों में काम करने वाले हो मोबाईल के गुम हो जाने पर अपने जरूरतों के हिसाब से उसे पुनः प्राप्त करने की आवश्यकता होती है।
प्रफुल्ल कुमार ठाकुर पुलिस अधीक्षक महासमुन्द महोदय के द्वारा लोगों को मोबाईल गुम हो जाने की थानों में तथा पुलिस अधीक्षक महासमुन्द कार्यालय में आकर सूचना या रिपोर्ट करने में आने वाली कठिनाईयों को देखते हुये महासमुन्द जिला में स्थित सायबर सेल में गुम मोबाईल को ढुडने के लिए एक स्पेशल सायबर डेस्क का गठन किया और उसे निर्देशित किया गया कि महासमुन्द जिले के थाना क्षेत्रों में चोरी/गुम हुये मोबाईलों की जानकारी प्राप्त करें और उन्हें बरामद करें सायबर सेल के स्पेशल सायबर डेस्क ने अथक प्रयास से थाना क्षेत्रों में चोरी/गुम हुये लगभग 115 मोबाईलों को बरामद किया है। जिनकी अनुमानित कीमत 20,00,000/- रूपये है सायबर सेल के सायबर डेस्क ने चोरी/गुम हुये मोबाईलों प्डम्प् नं0 को जब स्केन किया तो कुछ लोग ऐसे थे जिन्होंने बताया कि मोबाईल को गिरा हुआ, पडा हुआ, पाया है या इस जगह से खरीदा है सायबर डेस्क ने उन लोगों को चिन्हांकित किया जो भूलवश या जानकारी के अभाव में कही पर गिरे हुये या रखें हुये मोबाईलों को प्राप्त कर लिया है सायबर सेल की स्पेशल डेस्क ऐसे लोगों से मिली और उन्हें समझाया और बताया कि वास्तव में किसी जगह पर मिले वे मोबाईलों के साथ क्या किया जाना चाहिये उन्हे समझाया कि आपकों किसी स्थान पर अगर कोई मोबाईल लावारिस हालत में मिलता है तो उनका कर्तव्य बनता है कि उसकी सूचना निकटम थानें में देते हुए उस लवारिस मोबाईल को निकटतम थानें में सौप दे। सायबर सेल के स्पेशल डेस्क को दो मोबाईल धारक ऐसा भी मिले जो उक्त मोबाईल केा आरा, बिहार व जौनपुर उत्तरप्रदेश राज्य में चलना पाया सायबर सेल स्पेशल डेस्क ने उस मोबाईल चलाने वालें व्यक्ति से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह मोबाईल उसे लवारिस हालत में मिला था सायबर सेल ने उसे कानून की प्रक्रिया की विधिवत जानकारी दी और बताया कि लवारिस हालत में मिले मोबाईल का उपयोंग करना भी एक अपराध की श्रेणी में आता है। उस व्यक्ति नेे बताया कि अज्ञानता एवं भुल वंश उसने इस मोबाईल का उपयोग किया है और कोरियर के माध्यम से बिहार व उत्तरप्रदेश राज्य से साईबर सेल महासमुन्द छत्तीसगढ मोबाईल को भेज दिया इसी प्रकार महाराष्ट्र, उडीसा तथां छत्तीसगढ के राजनांदगांव, बलौदा बाजार, रायगढ, बिलासपुर, कवर्धा, गरियाबंद, रायपुर महासमुन्द आदि स्थानों से भी मोबाईलों को बरामद किया गया है।
यह सम्पूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में अति0 पुलिस अधीक्षक मेघा टेम्भुरकर साहू एवं अनु0अधिकारी (पु) महासमुन्द नारद सूर्यवंशी के निर्देशन में रक्षित निरीक्षक नितिश नायर, थाना प्रभारी महासमुन्द शेर सिंह बन्दे, सायबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक संजय सिंह राजपूत, सउनि नवधाराम खाण्डेकर, प्रकाश नंद, मिनेश ध्रुव, श्रवण कुमार दास, प्रवीण शुक्ला, आर0 रवि यादव, चम्पलेश ठाकुर, अजय जांगडे, शुभम पाण्डेय, पीयूष शर्मा, देव कोसरिया, शैलेश ठाकुर, दिनेश साहू, संदीप भोई, ललित यादव, श्रीनाथ प्रधान, युगल पटेल, हेमन्त नायक, योगेन्द्र दुबे, कामता आवडे, छत्रपाल सिन्हा, विरेन्द्र नेताम, लाला राम कुर्रे द्वारा की गई है।

