**छत्तीसगढ़ सेवा न्यूज कोरबा से द्वारिका यादव की रिपोर्ट **
कोरबा/पाली:- प्रज्ञा संजीवनी आयुर्वेद औषधालय के वैद्य रामफल पटेल के द्वारा कच्ची जड़ी- बूटियों से किये जा रहे उपचार से कैंसर, टीबी, पथरी, मधुमेह, बीपी, वात, लकवा जैसे गंभीर एवं जटिल बीमारी से ग्रसित रोगी पूर्णतः ठीक होते देखे जा रहे है।शांतिकुंज हरिद्वार एवं आयुष से प्रशिक्षित वैद्यराज रामफल पटेल द्वारा पाली स्थित नया बस स्टैंड में संचालित आयुर्वेद औषधालय के उपचार से अभी तक गंभीर बीमारी झेल रहे अनेकों पीड़ितों को चमत्कारित रूप से स्वास्थ्य लाभ मिला है तथा वे मरीज आयुर्वेद को अपनी जीवन शैली में अपनाकर आज सामान्य जीवन जी रहे है।ऐसे ही पाली विकासखण्ड के ग्राम डोंगानाला निवासी 70 वर्षीय दौलतराम मरकाम जो दो माह पहले अपने खेत मे खड़ी फसल देखने निकला था कि इसी दौरान उसे अचानक से लकवा (पैरालाइसिस) का अटैक आया जिससे दायां हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ।परिजन पीड़ित को लेकर वैद्य रामफल पटेल के पास पहुँचे जहाँ श्री पटेल द्वारा कच्ची जड़ी- बुटियों एवं भस्म औषधियों से लकवा का उपचार प्रारंभ किया और महज 15 दिन के आयुर्वेद ईलाज से दौलतराम पूर्ण रूप से स्वस्थ तो हुआ ही और आज सामान्य जीवन जीते हुए दैनिक क्रिया के सभी कार्य पहले की भांति सुचारू रूप से कर लेता है।वैद्य रामफल पटेल गत 2002 से डोंगानाला वनोषधि वाटिका में मुख्य वैद्यराज के रूप में कार्यरत थे जहाँ वर्ष 2012 में उन्होंने पाली नया बस स्टैंड में प्रज्ञा संजीवनी आयुर्वेद औषधालय की स्थापना की और आज पर्यन्त तक वे गंभीर या जटिल बीमारियों से ग्रसित अनेकों रोगियों को अपने आयुर्वेद गतिक्रिया से स्वस्थ कर चुके है तथा आज उनके उपचार विधि का लाभ लेने दूर- दराज से पीड़ित प्रज्ञा औषधालय पहुँचते है।इस विषय पर वैद्य श्री पटेल का कहना है कि पुरातन काल से ही आयुर्वेद की परंपरा किसी ना किसी रूप में चली आ रही है।जिसके उपयोग से हर छोटी- बड़ी बीमारी का स्थाई उपचार संभव है तथा यह सेहत पर भी कोई दुष्प्रभाव नही डालता।वर्तमान दौर में रासायनिक खाद की उपज एवं भागदौड़ भरे जीवन में हर एक को आयुर्वेद अपनानी चाहिए जो आज की जीवनशैली में शरीर के भीतर विषाक्त तत्वों के बनने से बचाएगा।


