छत्तीसगढ़ सेवा न्यूज कोरबा से द्वारिका यादव की रिपोर्ट
कोरबा/पाली:-जिले के पाली विकासखंड में तो वैसे अनेक मनोरम दृश्यों वाले स्थान है जहाँ उनमें से एक है बामरझुंझा का जलप्रपात....!जिसकी अनवरत बहती धारा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए पर्याप्त है।यह जलप्रपात वैसे तो बारहमासी है लेकिन बारिश के दिनों में इसका सौंदर्य और भी खिल उठता है।पाली तहसील मुख्यालय से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर खैराबहार की पहाडी से कलकव की आवाज लिए नीचे गिरते बामरझुंझा का जलप्रपात आसपास क्षेत्र में प्रसिध्द है।जहाँ पहुँचने पर इसका विहंगम दृश्य मनमुग्ध कर देता है।दूर पहाड़ियों से बहते हुए झरने के रूप में ऊंचे श्रृंखला से धरा पर आकर अपनी छटा बिखेरने वाले प्राकृतिक जलस्त्रोत का लुप्त उठाने लोगों की संख्या निरन्तर यहाँ बढ़ती ही जा रही है।जिसका आकार लिए धुआंधार जलप्रपात को ऊंचाई से गिरते देखने का एक अलग ही आनंद है।यहां पहुचने के लिए पाली मुख्यालय से चैतुरगढ मार्ग पर लाफा तक 10 किलोमीटर फिर यहाँ से 02 किलोमीटर ग्राम खैराबहार तक वाहन से पहुँचा जाता है।जहाँ से लगभग 01 किलोमीटर का पैदल रास्ते को पार कर दुर्गम पहाड़ी से नीचे गिरते जलधारा तक पहुँचते है।यदि बहते इस जलश्रृंखला को नजदीक से देखने की लालसा हो तो पहाड़ी मार्ग पर आधा किलोमीटर ऊपर की तरफ जाने पर इसका सौंदर्य निखरते जाता है तथा एक निश्चित ऊंचाई में पहुँचने पर यहां का विहंगम रौनकता मन को असीम सकून देने अपने आप मे पर्याप्त है।इस जलप्रपात पर अधिकतर बारिश के दिनों मे क्षेत्र के खासकर युवावर्ग पिकनिक के उद्देश्य से पहुँचते है।और खुलकर आनंद लेते है।यह जलप्रपात जितनी खूबसूरत है इसके नजदीक पहुँचने दुर्गम पहाड़ी रास्ता तय करना उतना ही खतरनाक है।साथ ही पहाड़ी के शिखर पर पहुँचकर सेल्फी एवं ग्रुप फोटो लेना भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।जिसके विषय पर चेतावनी बोर्ड नही लिखा है।जहाँ चेतावनी बोर्ड लगाया जाना बेहद आवश्यक है।इसलिए इस खुबसूरत जलधारा की ओर प्रशासनिक तौर पर सावधानी व सुरक्षा के उपाय अतिआवश्यक है।बहरहाल बामरझुंझा जलप्रपात की खूबसूरती को पहाड़ियों की ऊंचाई पर पहुँचने के बाद ही पूर्ण रूप से अहसास किया जा सकता है ।

