रूपेश्वर यादव ने गोबर बेचकर कराया बोर खनन
महासमुन्द 27 फरवरी 2021
कलेक्टर
डोमन सिंह ने आज यहां अपने कार्यालय कक्ष से गोधन न्याय योजना
अंतर्गत व्हाट्सएप वीडियों काॅलिंग के जरिए महासमुन्द विकासखण्ड के ग्राम
पंचायत बम्हनी के महिला स्व-सहायता समूह एवं निजी गोधन विक्रेताओं से
हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषा में बातचीत की। उन्होंने समूह की महिलाओं से
वर्मी कम्पोस्ट एवं खाद विक्रय के बारें में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा
कि राज्य शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना है। मुख्यमंत्री स्वयं इसकी
माॅनिटरिंग करते हैं। इसके साथ ही मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन योजनाओं की
गतिविधियों एवं कार्यों पर सतत् निगाह बनाएं हुए है। कलेक्टर डोमन
सिंह ने इन सभी लाभान्वित हितग्राहियों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य
शासन के द्वारा सभी वर्गों के हितों के लिए अनेक प्रकार के जनकल्याणकारी
योजनाएं सचंालित की जा रही है। सभी हितग्राहियों को जागरूक होकर इसका लाभ
अवश्य उठाना चाहिए।
कलेक्टर सिंह ने वीडियों काॅलिंग के जरिए जय माॅ सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह की सचिव रूखमणी पाल से गौठान में बनाए गए वर्मी कम्पोस्ट खाद और अब तक हुए विक्रय और उससे प्राप्त राशि के बारें में भी पूछा। श्रीमती रूखमणी पाल ने कलेक्टर को बताया कि उनके समूह में चार सक्रिय महिला सदस्य हैं। रोज घरेलू काम-काज निपटानें के बाद समूह की महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करने का काम करती है। समूह ने अब तक कुल 240 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद का विक्रय किया है। जिससे समूह को एक लाख 57 हजार रूपए का शुद्ध आमदनी हुई है। सभी सक्रिय चार महिला सदस्यों को 25-25 हजार रूपए देकर शेष राशि बैंक खातें में जमा है। कलेक्टर से बातचीत में समूह की बाकि महिलाओं ने बताया कि अब उनकी आर्थिक स्थिति में पहले से बेहतर हुई है। श्री रूपेश्वर यादव ने एक लाख 70 हजार रूपए का गोबर बेचने की बात करते हुए बताया इस राशि से उन्होंने अपने खेत में ट्यूबवेल (बोर खनन) करवाया है। इसके अलावा उन्होंने कुछ राशि से मवेशियों के लिए पैरा की कुट्टी कराई है।
कलेक्टर ने निजी गोबर बेचनें वालें हितग्राही आशीष साहू से भी चर्चा की। आशीष ने बताया कि वे बी.एस.सी. द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत् हैं। इस बीच उन्होंने इस गोधन सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए उन्होंने अब तक लगभग 30 हजार रूपए का गोधन विक्रय किया गया है। बेचे गए गोधन की राशि उनके खातें में समय पर आ गई है। उन्होंने आगे बताया कि वे इस राशि का उपयोग अपनी पढ़ाई-लिखाई एवं खेती-किसानी के कार्य में लगा रहें हैं। अगली बारी में बातचीत के दौरान गांव की पुष्पा बाई यादव ने कहा कि उन्होंनेे भी 55 हजार रूपए का अपनी मवेशियों का गोबर बेचा है। मिली राशि का उन्होंने भी खेती-किसानी के कार्यों में लगाने के अलावा अपनी बचत राशि से एक गाय खरीदनें में उपयोग किया है।
इसी तरह कलेक्टर ने गांव के ही गजराज पाल से भी बातचीत की उनसे भी गोधन विक्रय के बारें में जानकारी ली। गजराज पाल ने कलेक्टर को बताया कि उन्होंने 05 हजार 900 रूपए का गोधन विक्रय किए है। जिसकी राशि उनके खातें में जमा हो चुकी है। इस राशि का उपयोग वे खेती किसानी में करेंगे।
कलेक्टर सिंह ने वीडियों काॅलिंग के जरिए जय माॅ सरस्वती महिला स्व-सहायता समूह की सचिव रूखमणी पाल से गौठान में बनाए गए वर्मी कम्पोस्ट खाद और अब तक हुए विक्रय और उससे प्राप्त राशि के बारें में भी पूछा। श्रीमती रूखमणी पाल ने कलेक्टर को बताया कि उनके समूह में चार सक्रिय महिला सदस्य हैं। रोज घरेलू काम-काज निपटानें के बाद समूह की महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करने का काम करती है। समूह ने अब तक कुल 240 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद का विक्रय किया है। जिससे समूह को एक लाख 57 हजार रूपए का शुद्ध आमदनी हुई है। सभी सक्रिय चार महिला सदस्यों को 25-25 हजार रूपए देकर शेष राशि बैंक खातें में जमा है। कलेक्टर से बातचीत में समूह की बाकि महिलाओं ने बताया कि अब उनकी आर्थिक स्थिति में पहले से बेहतर हुई है। श्री रूपेश्वर यादव ने एक लाख 70 हजार रूपए का गोबर बेचने की बात करते हुए बताया इस राशि से उन्होंने अपने खेत में ट्यूबवेल (बोर खनन) करवाया है। इसके अलावा उन्होंने कुछ राशि से मवेशियों के लिए पैरा की कुट्टी कराई है।
कलेक्टर ने निजी गोबर बेचनें वालें हितग्राही आशीष साहू से भी चर्चा की। आशीष ने बताया कि वे बी.एस.सी. द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत् हैं। इस बीच उन्होंने इस गोधन सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए उन्होंने अब तक लगभग 30 हजार रूपए का गोधन विक्रय किया गया है। बेचे गए गोधन की राशि उनके खातें में समय पर आ गई है। उन्होंने आगे बताया कि वे इस राशि का उपयोग अपनी पढ़ाई-लिखाई एवं खेती-किसानी के कार्य में लगा रहें हैं। अगली बारी में बातचीत के दौरान गांव की पुष्पा बाई यादव ने कहा कि उन्होंनेे भी 55 हजार रूपए का अपनी मवेशियों का गोबर बेचा है। मिली राशि का उन्होंने भी खेती-किसानी के कार्यों में लगाने के अलावा अपनी बचत राशि से एक गाय खरीदनें में उपयोग किया है।
इसी तरह कलेक्टर ने गांव के ही गजराज पाल से भी बातचीत की उनसे भी गोधन विक्रय के बारें में जानकारी ली। गजराज पाल ने कलेक्टर को बताया कि उन्होंने 05 हजार 900 रूपए का गोधन विक्रय किए है। जिसकी राशि उनके खातें में जमा हो चुकी है। इस राशि का उपयोग वे खेती किसानी में करेंगे।

