उद्योग मंत्री जिला स्तरीय कार्यशाला उद्यम समागम में शामिल हुए

शासन की मंशा कृषि एवं वन आधारित उद्योगों को अधिकाधिक प्रोत्साहित करने की : मंत्री कवासी लखमा

महासमुन्द 12 फरवरी / वाणिज्य एवं उद्योग तथा जिला प्रभारी मंत्री कवासी लखमा आज यहां शंकराचार्य सांस्कृतिक भवन में जिला स्तरीय उद्यम समागम कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि उद्योग लगाने में छत्तीसगढ़ की नई उद्योग नीति के तहत् औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के सभी विकासखण्डों को औद्योगिक विकास एवं पिछड़ेपन की दृष्टि से चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया है। इसके माध्यम से अनेक प्रकार के अनुदान एंव रियायतें औद्योगिक इकाईयों को दी जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार उद्योग नीति में सेवा क्षेत्र को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा कृषि आधारित एवं वन आधारित उद्योगों को अधिकाधिक प्रोत्साहित करने की है। ऐसे उद्योगों के स्थापना से जिले में रोजगार के अवसर बढ़ेेंगे। साथ ही पर्यावरण हितैषी होने के कारण पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुचेगा।

मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों में स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि उद्योग नीति बनाने के लिए कई राज्यों की उद्योग नीति का लगभग एक साल मंथन करने के बाद पाया कि तेलंगाना की उद्योग नीति अच्छी है। काफी विचार विमर्श और उद्योगपति से गहन चर्चा और सहयोग से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश की सबसे अच्छी छत्तीसगढ़ की उद्योग नीति लागू की। उन्होंने कहा कि उद्योग लगाने में व्यक्ति की आधी उम्र बीत जाती है। लेकिन अब ऐसा नहीं सिर्फ उद्योग विभाग में आवेदन करने पर अब किसी कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर देश के हर जिले में उ़द्यम समागम कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आम नागरिक से लेकर वर्तमान और भविष्य के उद्योगपति आ रहे है, उन्हें मंच दिया जा रहा है। किस प्रकार छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाना है। युवाओं को रोजगार कैसे उपलब्ध कराना है। इन सभी मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की जाती है। इस मौके पर बाद में मंत्री कवासी लखमा ने 1335 हेक्टेयर क्षेत्रफल के सात सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मान्यता पत्र वितरण किया।
मंत्री ने कहा कि राज्य में सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही है। इसमें सबसे बड़ी योजना गोठान चला रहें हैं। जिसमें स्व-सहायता समूह की महिलाओं को विभिन्न कामों का प्रशिक्षण देकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की जा रही है। उन्हें उन्हीं कामों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है जिससे उनका माल छत्तीसगढ़ में बिके। ये महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट से लेकर अगरबत्ती, वाशिंग पाउडर, पोल फंेसिंग और सब्जी का उत्पादन कर अच्छा लाभ कमा रही है। कार्यशाला को संसदीय सचिव एवं विधायक विनोद चन्द्राकर, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एवं विधायक बसना देवेन्द्र बहादुर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा पटेल आदि ने भी संबोधित किया।
कार्यशाला में कलेक्टर डोमन सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डाॅ. रवि मित्तल, सहित जिले के उद्योगपति सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। संयुक्त संचालक उद्योग संजय सिन्हा ने उद्योग प्रगति की जानकारी दी। अतिथियों का स्वागत जिला उद्योग के महाप्रबंधक ए.के सिंह ने किया।

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