कठोर तपस्या एवं सामाजिक समरसता का भाव प्रकट कर गुरु घासीदास बने महान संत - नरेंद्र देवांगन




*छत्तीसगढ़ सेवा न्यूज कोरबा से द्वारिका यादव की रिपोर्ट *

जय सतनाम सेवा समिति के द्वारा गुरु घासीदास जयंती मनाई गई इस अवसर पर पार्षद नरेंद्र देवांगन मुख्य रूप से उपस्थित हुए  नर्सरीपारा कोहडिया में बाबा गुरु घासीदास जी की 264 वीं जयंती के अवसर पर उन्होंने घासीदास जी के मनखे मनखे एक समान का संदेश के बारे में विस्तृत रूप में जानकारी दिए इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु घासीदास महान संत थे उन्होंंने गिरौदपुर के औरा धौरा पेड़ के नीचे कठोर तपस्या कर महान बने इनके पिता महंगू दास और माता अमरौतिन थे गुरु घासीदास कठोर तपस्या कर अनेकों उपदेश देकर समाज में सामाजिक समरसता का भाव प्रकट किए इसलिए महान संत कहलाए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद फूलचंद सोनवानी उपस्थित थे कार्यक्रम के संयोजक के रूप में आयुष्मान विनोद घिरे सामाजिक कार्यकर्ता राकेश डिसपाट मोना घिरे भगवती कमेंडिज मूलचंद आजाद बलराम सिंह टंडन भवन राम धारिया कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉक्टर परस मधुकर तथा कार्यक्रम का संचालन अजय निराला योगेंद्र महिपाल आशा टंडन कार्यक्रम की व्यवस्थापक विनोद दिवाकर विजय कुर्रे क्रांति टंडन अशोक केसकर चंद राम कमलेश धर्मेंद्र कोसले नरेंद्र रात्रे रमेश रात्रे दिल हरण कुर्रे के साथ,कपूर पटेल,नरेन्द्र गोसवामी,रमेश केवट,सोनू पटेलबसंती मधुकर उमा देवी कुर्रे बबीता दिवाकर आरती निराला सुनीता टंडन शीतल कोसले सविता महिपाल नम्रता केसकर सपना कुर्रे विकास मधुकर के साथ विभिन्न में जागृति पंथी नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति रही इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में माताएं बहने विभिन्न मार्गदर्शक बुजुर्गों एवं युवा साथियों की उपस्थिति रही ।

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