कलेक्टर की अध्यक्षता में उभयलिंगी व्यक्ति जागरूकता कार्यशाला सम्पन्न

अब तक जिले में 49 उभयलिंगी व्यक्तियों को पहचान-पत्र जारी

थर्ड जेंडर को पात्रतानुसार विभागीय योजनाओं से जोड़ें: कलेक्टर

महासमुन्द 09 मार्च 2021/ समाज कल्याण विभाग द्वारा आज जिला कार्यालय के सभागार में उभयलिंगी (थर्ड जेंडर) व्यक्तियों के लिए जागरूकता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता कलेक्टर डोमन सिंह के द्वारा किया गया। कलेक्टर ने कहा कि थर्ड जेंडर के व्यक्तियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें पात्रतानुसार विभागीय योजनाओं से जोड़ें इसके लिए समन्वय समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने को कहा। उन्होंने उभयलिंगी व्यक्तियों को उनके रूचि के अनुसार प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रदान करने की बात कही तथा तृतीय लिंग व्यक्तियों के कानूनी अधिकार के संबंध में प्रचार सामग्री प्रिंट कराकर ग्राम पंचायतों, नगर पालिका सहित अन्य कार्यालयों में चस्पा करने को कहा। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रवि मित्तल ने कहा कि उभयलिंगी व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए राशि स्वीकृत की जाएगी।
कार्यशाला में समाज कल्याण विभाग के उप संचालक विजय सिन्हा ने बताया कि जिले में 90 उभयलिंगी व्यक्ति है। इनमें से 49 व्यक्तियों को पहचान-पत्र जारी किया गया है तथा शीघ्र ही 09 व्यक्तियों के लिए पहचान-पत्र जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर  जोगेन्द्र कुमार नायक, एसडीएम सुनील कुमार चन्द्रवंशी, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक  विजय सिन्हा, परिविक्षा अधिकारी सुनीता तिर्की, उभयलिंगी व्यक्ति विद्या, शंकर सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

इस अवसर पर कार्यशाला मंे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्व सलाहकार समाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार सुश्री रविना बरिहा ने पावर र्पाॅइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से थर्ड जेंडरों को लेकर भारत सरकार द्वारा जारी नए कानून उभयलिंगी व्यक्ति अधिकर संरक्षण अधिनियम-2019 पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में तृतीय लिंग की परिभाषा तथा भारत सरकार एवं छत्तीसगढ शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देश की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य देखभाल, सार्वजनिक परिवहन, जनजीवन में भागीदारी, खेल-कूद, मनोरंजन तथा पब्लिक अथवा प्राईवेट कार्यालयों में कार्य करने का अवसर सहित भेदभाव को रोकने के लिए भी सुरक्षा नियमों का पर चर्चा की गई। शंकर यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि तृतीय लिंग समुदाय के उत्थान उनकी पहचान तथा रायपुर में संचालित तृतीय लिंग पुनर्वास केन्द्र के विषय में जानकारी दी गई। नए कानून के बारें में बताया। पात्रतानुसार 13 थर्ड जेंडरों को आरक्षक की नियुक्ति दी जाने की भी जानकारी से अवगत कराया।

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