कोरोना के बीच होली त्योहार मनाने कलेक्टर ने जारी किए दिशा-निर्देश न तो डीजे बजेगी और न ही होंगे कोई सार्वजनिक कार्यक्रम

छत्तीसगढ़ सेवा न्यूज़
बलौदाबाजार संवाददाता लिलेश्वर प्रसाद निषाद की रिपोर्ट

कोरोना के बीच होली त्योहार मनाने कलेक्टर ने जारी किए दिशा-निर्देश
न तो डीजे बजेगी और न ही होंगे कोई सार्वजनिक कार्यक्रम
टोली में 10 से ज्यादा लोगों के घूमने पर प्रतिबंध
घर-परिवार में ही रहकर होली मनाने के लिए कलेक्टर ने की अपील

बलौदाबाजार :-  21 मार्च 2021/ कोरोना संक्रमण की फिर से बढ़ती संख्या को देखते हुये कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी  सुनील कुमार जैन ने होली त्योहार मनाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये हैं। जिसके अनुसार होली पर्व पर इस बार न तो किसी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम होंगे और न ही डीजे माईक का उपयोग किया जा सकेगा। घूमने-फिरने वालों की एक टोली में 10 से अधिक लोगों के रहने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर ने बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर लोगों को अपने घर-परिवार के बीच रहकर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से होली पर्व मनाने का आग्रह किया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में होलिका दहन के लिए चयनित स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में मास्क, सैनिटाइजर सहित दो ग़ज़ की दूरी का पालन किया जाना चाहिए। अन्यथा कार्यक्रम आयोजक अथवा समिति प्रबंधक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। होलिका दहन के लिए ऐसे स्थलों का चयन किया जाए कि उनके ऊपर बिजली के तार न हों। रंग-गुलाल और पिचकारी दुकानों पर भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा, नहीं तो दुकानदार और खरीदार दोनों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई होगी। निजी निवास में आयोजित होली मिलन कार्यक्रम में भी कोरोना प्रोटोकॉल के सभी नियमों का पालन करना होगा। होली के दिन शराब पीकर गाड़ी चलाने और दुपहिया वाहन में तीन सवारी बैठने पर थाने में प्राथमिकी दर्ज की जायेगी। तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाने और जोर की आवाज़ वाले साइलेंसर युक्त वाहन का पीछा कर तत्काल जब्त किए जाएंगे। ध्वनि विस्तारक यन्त्रों के इस्तेमाल में भी एनजीटी, माननीय सुप्रीम कोर्ट, कोलाहल नियंत्रण अधिनियम सहित राज्य सरकार के अन्य नियमों का पालन करना होगा। कलेक्टर ने पर्यावरण एवं स्वास्थ्य को देखते हुए जनसाधरण से अपने-अपने घरों पर ही रहकर होली मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि होली में कम से कम पानी और लकड़ी का उपयोग किया जाए। हरे-भरे वृक्षों की कटाई न किया जाये। परंपरागत वाद्य यंत्रों एवं नगाड़ा का उपयोग किया जा सकता है। लेकिन कानफोड़ू डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी ।  उन्होंने पुलिस और सभी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट्स को सख्त पहरा देते हुए उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और कराने के निर्देश दिए हैं।

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