पाटन में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की ली बैठक, अमलेश्वर में मोबाइल टेस्टिंग टीम का देखा काम, अस्पतालों में व्यवस्था देखी
दुर्ग 21 अप्रैल/ ग्रामीण क्षेत्रों में
कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने 3 सूत्रों पर काम किया जा रहा है। इनमें
सर्दी बुखार, खांसी जैसे लक्षणों वाले मरीजों का चिन्हांकन कर इन्हें
क्वारन्टीन सेंटर में रखा जाना, यहां पल्स आक्सीमीटर के माध्यम से ऑक्सीजन
लेवल की नियमित जांच और प्रोफेलेक्सीस किट प्रदान किया जाना शामिल है।
तीनों सूत्रों पर हो रहे काम का निरीक्षण करने कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर
नरेंद्र भुरे ने आज तीनों ब्लॉक का व्यापक दौरा किया। पाटन ब्लॉक में
उन्होंने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देशों पर चर्चा करते हुए कहा
कि ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी बुखार खांसी आदि कोरोना के लक्षणों वाले
मरीजों को होम आइसोलेशन में न रखकर क्वारन्टीन में रखना सुनिश्चित करें।
क्वारंटाइन सेंटर में इन्हें रोग निरोधी (प्रोफेलेक्सीस) किट दी जाएगी।
इसके साथ ही इनके ऑक्सीजन लेवल की नियमित रूप से जांच होती रहेगी। प्रत्येक
क्वारन्टीन सेंटर में 2 नग पल्स ऑक्सीमीटर होगा, इसके अलावा 3 नग
ऑक्सीमीटर पंचायतों में होने चाहिए। इन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में
लक्षण वाले मरीजों के ऑक्सीजन लेवल की जांच भी हो सकेगी, ऑक्सीजन लेवल
डाउन होने की स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लक्षण वाले मरीजों का लगातार
चिन्हांकन करें। साथ ही इस तरह के मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में
कोरोना जांच भी कराएं। मरीजों का चिन्हांकन होता रहे। उल्लेखनीय है कि
सांस लेने में दिक्कत वाले कोविड संदिग्ध मरीजों के लिए विकासखंड
मुख्यालयों में भी आइसोलेशन सेंटर की व्यवस्था की गई है। इनमें ऑक्सीजन बेड
की सुविधा रखी गई है। ऐसे आइसोलेशन सेंटर धमधा,पाटन, निकुम, अहिवारा,
कुम्हारी, उतई और झीठ में आरम्भ किये गए हैं। कलेक्टर ने बाहर से आये लोगों
के क्वारन्टीन के संबंध में भी निर्देश अधिकारियों को दिए।
नगरीय निकाय के बारे में भी दिए निर्देश- पाटन नगर पंचायत में भी सभी घरों में मरीजों के चिन्हांकन के निर्देश उन्होंने दिए। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की नियमित कॉउंसिलिंग के निर्देश भी उन्होंने दिए। साथ ही लक्षण उभरते ही टेस्ट कराने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री के ओएसडी आशीष वर्मा एवं नगर पंचायत अध्यक्ष पाटन भूपेंद्र कश्यप भी उपस्थित थे।
अमलेश्वर में मोबाइल टेस्टिंग टीम का निरीक्षण किया- कलेक्टर ने पाटन ब्लॉक
के ग्राम अमलेश्वर में मोबाइल टेस्टिंग टीम का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय
है कि मोबाइल टेस्टिंग टीम कंटेंटमेंट जोन और हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में
सघन जांच कर रही है।
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने आज निकुम एवं उतई स्वास्थ्य
केंद्रों का निरीक्षण किया। यहां 20 बेड आइसोलेशन मरीजों के लिए आरंभ किए
गए हैं। यह वह मरीज हैं जो कोविड सस्पेक्टेड हैं तथा साँस लेने में दिक्कत
महसूस कर रहे हैं। यहां पर उन्होंने ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था, ऑक्सीजन
कंसंट्रेटर एवं पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था देखी। साथ ही मरीजों को दिए जा
रहे ट्रीटमेंट की व्यवस्था भी देखी। उतई के स्वास्थ्य प्रबंधक ने बताया कि
यहां मरीजों की संख्या में कुछ दिनों में थोड़ी गिरावट आई है। कलेक्टर ने
कहा कि क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाएं तथा सर्दी खांसी बुखार जैसे
लक्षणों वाले मरीजों का चिन्हांकन करें। ऑक्सीजन की स्थिति पर लगातार निगाह
रखें, जैसे ही ऑक्सीजन लेवल ड्रॉप होता है जिला मुख्यालय में रिफर करने की
तुरंत कार्रवाई करें। एंबुलेंस की व्यवस्था रखें तथा जिला स्तरीय
अधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाए रखें ताकि आपात स्थिति में त्वरित रूप से
मरीज का इलाज हो सके। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र के सभी वार्डों
में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए। कचरे का नियमित उठाव हो, नाले की साफ
सफाई हो, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव हो तथा सैनिटाइजेशन हो। इसके साथ ही
कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर को लेकर भी लोगों को बताया जाए। लोगों को
मास्क हमेशा लगाने के लिए प्रेरित किया जाए साथ ही कोविड से बचाव के उपायों
के बारे में निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जाए। समय-समय पर मुनादी होती
रहे। उन्होंने कहा कि लोग जितने ज्यादा कोविड के खतरों को लेकर सजग होंगे,
उतना ही ज्यादा इस संक्रमण को रोकने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने पॉजिटिव
मरीजों को किट वितरण की जानकारी भी ली।

