महासमुंद जिले में संक्रमण से बचाव के सभी सुरक्षात्मक उपायों को अपनाया जा रहा है :- महासमुंद कलेक्टर


लोग संयम, सजगता और सतर्कता का परिचय दंे:- कलेक्टर  
आइसोलेशन में रह रहे एवं उनके परिजनों से उम्मीद की  नियमावली का पालन करें
   जिले में संक्रमण से बचाव के सभी सुरक्षात्मक उपायों को अपनाया जा रहा है

महासमुंद 11 अप्रैल /-महासमुंद जिले में जिला प्रशासन और चिकित्सा स्वास्थ्य द्वारा कोराना वायरस संक्रमण से बचाव के सभी सुरक्षात्मक उपायों को अपनाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से भी संयम, सजगता और सर्तकता का परिचय देने का आग्रह किया है। प्रशासन द्वारा जिले में कोराना पाॅजिटिव मरीजों के लिए दो 133 बेड का कोविड केयर सेंटर और एक 54 बेड का कोविड अस्पताल की व्यवस्था की गयी है। इसके अलावा ज़िले के चार निजी अस्पतालों में कोविड के इलाज की मजूरी दी गई है । ब्लॉक स्तर पर भी कोविड केयर सेंटर बनाए गए है । जहां मरीजों को दवाईयां और अस्पताल में बेहतर उपचार किया जा रहा है। इसके साथ ही आयुष विभाग द्वारा आयुर्वेदिक काढ़ा का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है। लेकिन वर्तमान दौर में कोरोना से बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। चिन्ता इस बात की नहीं कि कोरोना के मामले पहले की अपेक्षा बड़ रहे है। राहत की बात है कि मरीज ठीक भी हो रहे है। लेकिन अब कोराना का स्वरूप बदलता दिख रहा है। अब लोगों में कोराना के लक्षण सर्दी, खांसी बुखार के ज्यादा लक्षण दिखायी नहीं दे रहे है। एसिम्प्टोमैटिक बिना लक्षण वालों में भी कोरोना का संकट है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना जांच उपरान्त ऐसे पीड़ित लोंगों के लिए होम आइसोलेशन में रहने की नियमानुसार अनुमति दी जा रही है। इसके साथ उनसे एवं उनके परिजनों से उम्मीद की जा रही हैं कि वे निर्धारित शर्तो की नियमावली का पालन अवश्य करें। साथ ही उन्हें दैनिक जानकारी और सम्पर्क के लिए होम आइसोलेशन के कंट्रोल रूम एवं व्हाट्सअप नम्बर 82693-79405 के अलवा दूरभाष नम्बर 07723-222100, 222101 में नियमित रूप से काॅल कर अपने स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी से अवगत कराते रहने का आग्रह भी किया गया है। कन्ट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारी पूरी तरह से लोगों के स्वास्थ्य के प्रति सजग और सर्तक है।
सावधान हो जाये कोराना का चोला बदल गया है। ये अब लक्षण नहीं आने देता। हांलाकि लोगों के एक ऐसे तबके की जांच रिपोर्ट से पता चल रहा है कि जो बिना लक्षण के भी जांच में पाॅजिटिव पाए गए है, लेकिन उन्होंने किन लोगों को संक्रमित किया इसका पता लगाने के लिए कि जिले में लगातार काॅन्टेक्ट टेªसिंग की जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल बरकरार है कि महासमुंद जिले के कलस्टर को अगर देखा जाये तो बिना लक्षण वाले (एसिम्प्टोमैटिक) मामले कोराना के दूसरे संक्रमण के मामले से बेहद कम है। महासमुंद जिले में करोना वायरस संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर मितानिनों द्वारा सर्वे का काम भी शुरू कर दिया गया है। जनसामान्य को कोविड-19 की महामारी के प्रति सुरक्षा व सावधानी एवं जागरूकता लाने के लिए जिले के सभी ब्लाकों के गांव में घर-घर जाकर दस्तक देकर उनके स्वास्थ्य का हालचाल पूछ रही है। उसकी रिपोर्ट नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्रों में भी दे रही है। स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन.के.मंडपे ने कहा कि अगर व्यक्ति को सर्दी, खासंी या बुखार जैसे लक्षण प्रतीत हो रहे है। वे सर्वे करने पहुंची मितानिन और स्वास्थ्य कर्मचारी को पूरी जानकारी निः-संकोच दें। ताकि व्यक्ति की जांच कराकर उसका सही उपचार किया जा सकें। इससे संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण पर जल्दी अंकुश लगेगा।  
कलेक्टर डोमन सिंह ने कहा कि कोराना का सबसे कारगार तरीका है कि लोग ज्यादा से ज्यादा कोराना की जांच करायें। उन्होनंे कहा कि महासमुंद जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कोराना की जांच निःशुल्क की जा रही है। जिले में तीन प्रकार की कोरोना जांच की आरटीपीसीआर, एन्टि जेनेटिक, और सबसे भरोसे मंद टूª नाॅट मशीन टेस्ट से की जाने की व्यवस्था है। जिला प्रशासन और जिला चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग बार-बार लोगों से अपील कर कोरोना जांच करानेे की अपील कर रहा है। अपील में कहा गया है कि कोरोना को नजर अंदाज न करें और अपनी पाॅजिटिव की जानकारी किसी से न छुपाये सिर्फ कुछ सावधानी बरतने की जरूरत है। अपना ईलाज कराये और अपने परिजनों सगे संबंधियों  को भी इस महामारी से सुरक्षित रखें। स्वास्थ्य विभाग को कहना है कि नियमित उपचार करने और दवाईयां लेने से पीड़ित व्यक्ति पूरी तरह ठीक भी हो रहे है। उन्होनंे कहा कि मास्क कोराना से बचाव का प्राथमिक कवर है। जिसके उपयोग द्वारा संक्रमण की संभावना को काफी कम किया जा सकता है। लोगों से अपील है कि वे मास्क को डयूटी समझकर पहनें। सोशल डिस्टिेंसिंग भी कारगर साबित हो रही है।
इसके अलावा लोगों को विभिन्न प्रचार-माध्यमों इलेक्ट्राॅनिक मीडिया, प्रिन्ट मीडिया और सोशल मीडिया के अलावा पाॅम्पलेट आदि के जरिए कोरोना के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे सरकारी अस्पतालों में खाली बेड की जानकारी अब लाईव एवं रियल टाईम जानकारी लोगों को घर बैठे एक क्लिक में उपलब्ध करायी जा रही हैं।

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