कलेक्टर सिंह ने कहा कि वर्तमान में हम सभी वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण कठिन दौर से गुजर रहे हैं। सभी के सहयोग से हमें इस महामारी से निपटना है। उन्होंने कोरोना संक्रमण की रोकथाम तथा मरीजों के सुगमता से इलाज के लिए अस्पतालों में बेहतर प्रबंधन के साथ ऑक्सीजन बेड्स तथा आवश्यक दवाईयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना संक्रमण का दौर चल रहा है, ऐसे हालात में किसी भी व्यक्ति को सर्दी, जुकाम तथा बुखार होने पर वे इसका तत्काल जांच कराए और दवा लेना प्रारंभ कर दें। इससे बीमारी को बढ़ने और गंभीर स्थिति जैसे हालात को समय रहते रोका जा सकता है। उन्हांेने इस दौरान वैक्सीनेशन सहित कोरोना संक्रमण की टेस्टिंग को बढ़ाए जाने के लिए विशेष जोर दिया। मितानिनों की दवा पेटी में दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने। मितानिनों की दवा पेटी में मरीजों के लिए दवा के साथ-साथ दवा पर्ची प्रिंटिंग कराकर अनिवार्य रूप से दें ताकि मरीज आसानी के साथ कौन सी दवाई किस समय में कितनी मात्रा में खाना है, इसे मरीज आसानी से जान सकें।
कलेक्टर ने कहा कि अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता पूर्वक कार्य करने से ही लक्ष्य को प्राप्त करने में जरूर सफलता मिलेगी। जिले में और अधिक संक्रमण न फैले इसके लिए यह जरूरी है कि बाहर से आने वाले हर व्यक्ति बिना टेस्टिंग के न तो गांव में और न ही शहर में जाए। आवश्यकता अनुसार उन्हें क्वारेंटाइन सेंटर और आइसोलेशन केेन्द्र में रखने की व्यवस्था की गई है। बाहर से आने वालों की रेल्वे स्टेशन, जिले के अंतर्राज्यीय सीमाओं के एन्ट्री पाइंट पर ही टेस्टिंग सुनिश्चित कराते रहंे। हमारा फोकस टेस्टिंग के साथ-साथ मरीजों के इलाज, वैक्सीनेशन, कोरोना संक्रमण की रोकथाम और संक्रमित व्यक्तियों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा सघन जांच पर होना चाहिए। कान्टेक्ट ट्रेसिंग से संक्रमण को रोकने में काफी हद तक मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि 26 अप्रैल से अंतर्राज्यीय सीमा क्षेत्र के बॉर्डर में जिले के भीतर प्रवेश करने वाले लोगों का टेस्ट, जैसे थर्मल स्केनिंग, आॅक्सीमीटर एवं संदिग्ध व्यक्तियों का कोविड-19 का टेस्ट किट के माध्यम से अनिवार्य रूप से कराएं। जिले के भीतर 72 घंटे की पूर्व निगेटिव रिपोर्ट देखकर ही प्रवेश की अनुमति दें। यदि माल वाहक वाहन अंतर्राज्यीय सीमा से होकर जिले को पार करके लंबी दूरी के लिए जा रहें हैं, तो ऐसे माल वाहक वाहन में स्टीगर लगाकर सीधे जाने की अनुमति दें। यदि कोई माल वाहक वाहन जिले में आ रहा है तो उस वाहन के चालक एवं परिचालक का कोविड-19 का टेस्ट सीमा क्षेत्र पर कराएं। इसी तरह यात्री वाहन से अन्य प्रदेश से आने वाले यात्रियों का कोविड-19 की जाॅच अनिवार्य रूप से कराएं। यदि कोई यात्री संक्रमित पाया जाता है तो सीमा पर बनाए गए क्वारेंटाईन सेंटर पर निश्चित अवधि के लिए रखें तथा उनके उपचार, भोजन सहित अन्य मूलभूत व्यवस्थाएं उपलब्ध कराएं।
कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान देश एवं प्रदेश के चिकित्सालयों में हो रही आगजनी की घटना को ध्यान मंे रखते हुए यहां के सभी चिकित्सालयों में पर्याप्त मात्रा में फायर फाईटिंग सिस्टम के साथ फायर बकेट रखने के निर्देश दिए है। चिकित्सालयों में मरीजों का सुगमता से इलाज के लिए पर्याप्त प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा है। इसके अलावा सभी चिकित्सालयों में आकस्मिक विद्युत विच्छेद होने की स्थिति से निपटने के लिए जनरेटर, इन्वर्टर अनिवार्य रूप से रखें। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में वेंटीलेटर, आॅक्सीजनयुक्त बिस्तरों, आवश्यक चिकित्सा उपकरणांे तथा दवाईयों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दें। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में मरीजों के ईलाज के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत अथवा वार्ड स्तर पर आॅक्सीमीटर, दवाईयां, थर्मल गन खरीदने के लिए पंचायत एवं पार्षद निधि का उपयोग कर सकते हैं। ताकि मरीज आवश्यतानुसार इसका तत्काल उपयोग कर सकें। जो बीमारी को बढ़ने से रोकने में मददगार होगी।
कलेक्टर ने जिले में कोविड-19 के संक्रमण से रोकथाम नियंत्रण एवं आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए संविदा दर पर काम करने के लिए इच्छुक सेवानिवृत्त चिकित्सकों, स्टाफ नर्स एवं लैब टेक्निशियनों को सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि इसके लिए इच्छुक व्यक्ति संबंधित विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से मुलाकात कर सहमति दे सकते है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के मंशानुरूप कोरोना संकट काल में राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से उपभोक्ताओं को मई एवं जून माह का चावल एकमुश्त मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को चावल के लिए कोई दिक्कत न हो। उन्होंने ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रांे को इसका शीघ्र भंडारण और वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

