री राम फूलो की खेती कर ले रहे लाखो की आमदनी आज के युवाओ के लिए है प्रेरणादायक


(छतरसिग पटेल) सरायपाली.  क्षेत्र के  ग्राम इच्छापुर में श्री  राम नायक ने फूल की खेती कर लाखों रुपए की आमदनी प्राप्त कर अपना एक अलग पहचान बनाई।
 ग्राम इच्छापुर स्थित पाली हाउस में गुलाब का फूल 1 एकड़ में लगाया गया है जोकि पाली हाउस है एवं गेंदा का फूल 1 एकड़ में है जोकि नेट हाउस में है। यह फूल की खेती उनके द्वारा वर्ष 2017 से किया जा रहा है। इस दोनों प्रकार की फुल के लिए पानी की कमी को ध्यान में रखते हुए ड्रिप इरिगेशन सिंचाई व्यवस्था बनाई गई है जो कि पानी को मैनेज कर सके। इस दोनों प्रकार के फूल की खेती करने की प्रेरणा उन्हें वर्ष 2017 में पुणे एवं रायपुर में फूल चौक विजिट करने के समय मिली थी।

की खेती करने के लिए   श्री राम नायक  द्वारा पंजाब नेशनल बैंक सराईपाली से 2017 में 30 लाख रूपए का लोन लिया। और शुरुआत में पुणे से गुलाब के 25000 पौधे मंगाए थे। साथ ही गेंदा की पौधे एवं बीज कोलकाता से मंगाए थे जो लगभग 10,000 पौधे थे। शुरुआती दौर में उनके परिवार में पिता द्वारा विरोध किया गया और उनकी माता ने बढ़-चढ़कर सहयोग की। शुरुआत में बाजार की दिक्कत का भी सामना किया गया क्योंकि ज्यादा किसी से संपर्क नहीं था नहीं प्रचार प्रसार हुआ था। परंतु वर्तमान में बाजार संबंधी कोई भी दिक्कत की सामना करना नहीं पड़ रहा है अभी फिलहाल रायपुर, बिलासपुर,रायगढ़, कटक , और भुवनेश्वर (उड़ीसा)इत्यादि जगहों पर श्री राम नायक द्वारा उत्पादित फूल बेचे जाते हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष वैश्विक महामारी कोरोना के कारण उनको काफी हद तक नुकसान उठाना पड़ा क्योंकि पुल की मांग घट चुकी थी। खूनी जानकारी देखें उनके फूल जनवरी-फरवरी में ज्यादा बिकता है। फिर 15 मार्च के बाद फुल की बिक्री डाउन होने लगती हैं परंतु पुनः होली के बाद फिर से जुलाई तक अच्छा बाजार मिल जाता है एवं बरसात के समय डाउन हो जाता है साथ ही जैसे गणेश चतुर्थी शुरू होती है फिर से बाजार में बिक्री बढ़ने लगती है। उन्होंने बताया कि 1 महीने का खर्च जिसमें पांच मजदूरों की प्रतिदिन ₹150 की दर से 7500 रुपए जिससे 30 दिन की ₹22500 बनते हैं एवं फर्टिलाइजर तथा पेस्टिसाइड में ₹10000 लग जाता है तथा जैसे हम मुर्गी लोगों को दाना खिलाते हैं वैसे ही किसी पौधे को न्यूट्रिशन (एनपीके ) की आवश्यकता होती है जोकि एक माह का ₹12000 लगते हैं। अन्य खर्चा ₹5500 लगते हैं। कुल मिलाकर ₹50000 माह की खर्चा है। परंतु आमदनी की बात करें तो₹ 1 लाख की हो जाती है। जिससे एक लाख में 50,000 खर्चा घटाने पर ₹50000 की शुद्ध आमदनी होती है। जो कि एक सरकारी नौकरी से कोई कम आमदनी नहीं है जो कि स्वयं की व्यवसाय भी है।

ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer ad inner footer

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Welcome to Chhattisgarh SevaLearn More
Accept !