गर्मी के दस्तक देते ही गहराने लगा जल संकट।

 गरियाबंद से थनेश्वर बंजारे की रिपोर्ट
 ग्राम पंचायत चरौदा में हो रही पीने कीपानी की किल्लत।
गरियाबंद/फिंगेश्वर--गर्मी के दस्तक के साथ ही जल समस्या इन दिनों विकराल रूप धारण करने लगी है। अगर इसी तरह गर्मी बढ़ती रही तो आम जनजीवन को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे भू जल स्तर में गिरावट शुरु हो गई है।फिंगेश्वर विकासखंड के ऐसे दर्जनों गांव हैं,जहां जल स्तर में गिरावट के कारण नलो में पानी आना बंद हो जाता है। कुछ ऐसे ही हालात देखने को मिला फिंगेश्वर ब्लॉक के ग्राम पंचायत चरौदा में जहाँ ग्रामीणों पानी की बहुत किल्लत है। गर्मी दस्तक के साथ ही उक्त गांव के ग्रामीणों को पेयजल की समस्या उत्पन्न हो जाती है। जो इस गांव के लिए नियति बनकर रह गई है। इसके लिए लोग सरकार एवं विभागीय अधिकारियों को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं। विदित हो कि गर्मी के मौसम आते ही इस गांव में प्रतिवर्ष पानी की समस्या गहराने लगती हैं।बावजूद विभाग कुम्भकर्णीय नींद में सोए हुए रहते हैं और शिकवा शिकायत के इंतजार में समय व्यतीत करती हैं, अगर समस्या आने के पूर्व समय विभाग सुध लेता तो आज ग्रामीणों को ये दिन देखना नही पड़ता। इस संदर्भ में चरौदागांव के सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि हमनें विभाग को समस्या आने के पूर्व अवगत कराया था पर अभी तक कोई सुध नही लिया गया। गांव के अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी आते ही हम लोगों को जल संकट का सामना करना शुरु हो जाता है। अभी तो काफी मशक्कत के बाद  पानी मिलताजहै। लेकिन शुरुआती दौर की गर्मी को देखते हुए लगता है कि इस बार लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है और जब गर्मी बढेगी तो जल संकट और भी गंभीर होगी।

-सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नल जल योजना गर्मी के दिनों में  ग्रामीणों को राहत देने नाकाम साबित हुई हैं। नल-जल योजना अंतर्गत खुदवाये गए बोर गांव के लिए एक प्रतिमा के रूप में स्थापित किया गया हैं। जो विभाग की पोल खोलने के लिए काफी है। बताते चलें कि इस योजना के तहत घर-घर जल पहुचाने के लिए लाखों रुपए पानी की तरह बहाए गए हैं लेकिन ग्रामीणों को जल संकट से निजात नही मिल पाया। सरकार द्वारा गांव-गांव में लाखों खर्च करने के बाद भी समुचित रुप से धरातल पर नहीं उतर सकी है पानी। जिसके ,जिम्मेदार विभाग के अधिकारीयों को जिम्मेदार ठहराया जाय तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।

संबंधित विभाग को लिखित सूचना दिया गया हैं पर अब तक संज्ञान नही लेना समझ से परे हैं --सरपंच प्रतिनिधि मनोज पटेल

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