बीजापुर नक्सली हमले में शहीद जवान सुखसिंह फरस को भावभीनी श्रद्धांजलि देने उमड़े जनसैलाब


 संवाददाता नेहरू साहू की रिपोर्ट
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 मैनपुर बीजापुर नक्सली हमले में शहीद जवान सुखसिंह फरस का पार्थिव शरीर जैसे ही गृहग्राम मोहदा पहुंचे एक समय के लिए पूरा गांव भारत माता कि जय एवं देश भक्ति से गूंज उठा  पुरे गांव वालों के बीच शहीदों को दी जाने वाली राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया जिसमें मुख्य रूप से शासन प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में जिला कलेक्टर क्षीरसागर जी, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ,जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम जी, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष भावसिंग साहू जी, जनसंघ के जिला अध्यक्ष तेजराम साहू जी, एवं समस्त ग्रामवासी मोहदा एवं आसपास के चाहने वाले मित्र गण हजारों की संख्या में लोग उपस्थित सभी के आंखों में आसूं साफ झलक रहें थे भारत माता कि जय घोष के साथ अंतिम विदाई दी गई उनके पत्नी के हालत बहुत ही गंभीर थी  रो रो कर बुरा हाल हो गयी थी आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे गांव वालों को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि सुखसिंग फरस अब हमेशा के लिए हम सभी को छोड़कर चले गए उनके छोटे से बच्ची जो अभी बहुत ही छोटे हैं उन्हें तो मालूम ही नहीं है कि अब उसके पापा कभी लौट कर नहीं आयेंगे बेचारी पापा के इंतजार में हैं

 जगदलपुर में उच्च स्तरीय बैठक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सली संगठन पर करारा प्रहार के लिए दिये कई दिशा निर्देश . अमित शाह ने कहा कि शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देता हूं, उनका यह सर्वोच्च बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. ये लड़ाई रुकेगी नहीं और गति से आगे बढ़ेगी. इसके अलावा ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस का सहारा लिया जाएगा.



भोले-भाले युवाओं का ब्रेनवाश करते हैं नक्सली

मिली जानकारी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियां मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर्स की लिस्ट बनाई है. इन खूंखार नक्सलियों के खिलाफ जल्द ही बड़ा ऑपरेशन शुरू करेंगी. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन प्रहार-3 के तहत बड़े नक्सलियों को निशाना बनाने की तैयारी है. ये खूंखार नक्सली भोले-भाले युवाओं का ब्रेनवाश करते हैं. उनको नक्सल गतिविधियों में शामिल करने के लिए उकसाते हैं. इन सबका अब खात्मा किया जाएगा.

 सुकमा के जंगलों में छिपकर बनाता है निशाना

बस्तर के सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के टॉप कमांडर्स की लिस्ट बनाई है,  उसमें PLGA-1 का सबसे बड़ा कमांडर हिडमा का नाम शॉर्टलिस्ट किया गया है. सुरक्षा बलों को हाल ही में पता चला है कि वो सुकमा के जंगलों में छिपकर सुरक्षा बलों को निशाना बना सकता है. सूत्रों की मानें तो इस लिस्ट में सिर्फ हिडमा ही नहीं कई दूसरे नक्सली लीडर्स का नाम भी शामिल है.



नक्सलियों के टॉप कमांडर की लिस्ट तैयार

 हिडमा, नक्सली मिलिट्री COY, 6 का टॉप कमांडर
कमलेश उर्फ लछु, नक्सली मिलिट्री नंबर- 1 का कमांडर
साकेत, नुरेती, नक्सली प्लाटून नंबर- 1 का कमांडर
लालू दंडामी, प्लाटून नंबर -1 का नक्सली कमांडर
मंगेश गोंड, प्लाटून नंबर-2 का कमांडर
राम जी, प्लाटून नंबर-2 का कमांडर
सुखलाल, मिलिट्री, प्लाटून नंबर-17 का कमांडर
मलेश, डीवीसीएम मिलिट्री प्लाटून नंबर- 16 कमांडर
कौन है मोस्ट वांटेड नक्सली हिडमा ?
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में हुये नक्सली हमले का मास्टर माइंड मोस्ट वांटेड नक्सली बस्तर का हिड़मा है. पुलिस के खुफिया विभाग और नक्सल विरोधी ऑपरेशन में शामिल वरिष्ठ अफसरों की मानें तो मोस्ट वांटेड नक्सली नेता रमन्ना जिसके सिर पर 1.4 करोड़ रुपये का इनाम था. उसकी मौत के बाद सुरक्षाबलों को अब उससे भी ज्यादा क्रूर और दुर्दांत नक्सली हिडमा से निपटना पड़ेगा.

नक्सलियों ने हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने की कमान हिडमा को दी है. लिहाजा हिडमा का रमन्ना की जगह लेना नक्सल विरोधी अभियान में लगे अन्य सुरक्षाबलों के लिए अच्छी खबर नहीं है, लेकिन लगातार उसे ढूढ़ने और खत्म करने की लगातार कोशिशें होती रही. फोर्स को अबतक हिड़मा को पकड़ने और खत्म करने में सफलता नहीं मिल पाई है. लगातार बड़ी घटनाओं को अंजाम देने में हिड़मा का ही हांथ रहा है.

छत्तीसगढ़ के नक्सल बेल्ट की कमान

3 अप्रैल को हुई घटना में भी हिड़मा की तर्रेम इलाके में होने की जानकारी पर ऑपरेशन लॉन्च किया गया था, लेकिन इसमें फोर्स को सफलता नहीं मिल पाई, बल्कि जवान हिड़मा के गैंग और एम्बुश में फंस गए. नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीपीआई माओवादी केंद्रीय समिति ने हिडमा को स्पेशल जोनल कमेटी डीकेएसजेसी का प्रमुख बनाया है.  हिडमा को छत्तीसगढ़ के नक्सल बेल्ट में सुरक्षाबलों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने की जिम्मा सौंपा गया है.

हिडमा पर 50 लाख का इनाम
हिड़मा पर छतीसगढ़ पुलिस ने 50 लाख का इनाम रखा है. तेलंगाना पुलिस ने हिड़मा के पर अलग इनामी राशि रखी गई है. नक्सलियों ने टीसीओसी यानी टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन के तहत यह हमला किया है, जिसमें उनका मकसद होता है कि ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा बलों पर हमला कर उन्हें नुकसान पहुंचाए.

क्रूर और दुर्दांत नक्सली हिडमा के कब्जे में लापता जवान !

इसके अलावा मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ के बाद से लापता जवान हिड़मा के कब्जे में है. कोबरा बटालियन का जवान राकेश्वर सिंह मनहास हिडमा के कब्जे में है. नक्सलियों ने पत्रकारों को फोन कर जानकारी दी है. फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

तीन मार्च को दहल उठा देश

बता दें कि बीजापुर जिले के टेकुलगुडम में शनिवार को हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 22 जवानों के शहादत हुई है. डीजी नक्सल ऑपरेशन अशोक जुनेजा ने बताया कि सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच साढ़े चार घंटे तक मुठभेड़ चली. बड़ी संख्या में नक्सली भी हताहत हुए हैं. मारे गए नक्सलियों की बॉडी को ट्रैक्टरों में भरकर नक्सली ले गए हैं. 30 घायल जवानों को अस्पताल पहुंचाया गया है, जिनमें 7 का इलाज रायपुर और 23 का बीजापुर में चल रहा.

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