कलेक्टर ने ली महिला एवं बाल विकास के अधिकारियों की बैठक

 

महासमुंद 04 जून / कलेक्टर डोमन सिंह ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष से वीडियों कांफ्रेन्सिग के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ, सेक्टर सुपरवाईजर एवं आॅगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, पूरक पोषण आहार अंतर्गत हितग्राहियों को रेडी-टू-ईट फूड प्रदाय, आॅगनबाड़ी, मिनी आॅगनबाड़ी, कार्यकर्ता, सहायिका की नियुक्ति सहित अन्य जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज सिन्हा उपस्थित थे।


कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमलों से कहा कि कोरोना महामारी के संकट काल में कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं द्वारा अपने कर्तव्य का बेहतर क्रियान्वयन करते हुए ग्रामीणों एवं नगरीय क्षेत्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित किया है। 


आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं के द्वारा कोरोना टीका लगाने तथा लोगों को कोरोना से बचाव के लिए मास्क के उपयोग करने, सामाजिक दूरी बनाए रखने, नियमित हाथ साबुन से धोने एवं अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचने की सलाह भी दिया गया। उन्होंने आॅगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका के नियुक्ति के बारें में जानकारी लेते हुए कहा कि जिन आॅगनबाड़ी केन्द्रों में आॅगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के पद रिक्त हैं, ऐसे आॅगनबाड़ी केन्द्रों के लिए रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र करें।


जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज सिन्हा ने बताया कि जिले मंे महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित 1780 आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के माध्यम से 06 माह से 03 वर्ष के बच्चों तथा 03 वर्ष से 06 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाएं, शिशुवती महिलाओं एवं गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए उनके घर-घर जाकर रेडी-टू-ईट का वितरण किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास के कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि 06 माह से 03 वर्ष के बच्चों एवं 03 वर्ष से 06 वर्ष के बच्चों को 750-750 ग्राम, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को 100 ग्राम तथा गंभीर कुपोषित बच्चों को 1200 ग्राम का रेडी-टू-ईट पैकेट का वितरण पहले एवं तीसरें मंगलवार को किया जा रहा है। ताकि पूरक पोषण आहार का लाभ लाॅकडाउन के दौरान भी हितग्राहियों को मिलंे। इसके अलावा सभी गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के घर गृह भेंट कर परामर्श सेवा भी प्रदाय किया जा रहा है।
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