उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक हैं। इस पर जोर देेते हुए कहा कि ऐसे इच्छुक किसान जो इस योजना में धान के बदलें अन्य फसल और पौधें लगाना चाह रहें है, उन्हें पौधें उपलब्ध जाएं। इसके साथ ही उन्हें अन्य फसल के लिए खाद-बीज भी उनकी मांग के अनुसार गुणवत्तापूर्ण मिलें, यह भी ध्यान रखें। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में 148 किसान 159 एकड़ जमीन पर इस योजना का लाभ ले रहें हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने संभावित कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों के बारें में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर से अनुभव लेते हुए लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से सभी तरह की स्वास्थ्य उपचार संबंधी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाए। सभी ब्लाॅक मेडिकल आॅफिसर और जनपद सीईओ स्वीकृति के अनुसार स्वास्थ्य उपचार संबंधी उपकरण 31 जुलाई से पहले क्रय की कार्रवाई पूरी कर ली जाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण-पत्र आॅनलाईन एण्ट्री में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि यह कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता का है। सभी पात्र बच्चों को जल्द से जल्द जाति प्रमाण पत्र मिलें, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश में आम जनता को शुद्ध पानी मिलें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। जिला वनमंडलाधिकारी श्री पंकज राजपूत ने बताया कि जिले में अब तक ढाई लाख से ज्यादा विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण किया जा चुका है। जिले की 17 नर्सरियों में पर्याप्त पौधें उपलब्ध है। संबंधित विभाग अपनी जरूरत की मुताबिक निःशुल्क पौधें ले सकते है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उनकी मांग अनुसार उपलब्ध कराए गए पौधें और पौधारोपण की जानकारी निर्धारित प्रपत्र में भेज दें।

