बिरकोनी फर्नेश ऑयल फैक्ट्री मे ब्लॉस्ट वहां काम करने वाले पाँच लोग घायल

बिरकोनी औद्योगिक एरिया में अवैध रूप से संचालित टायर तेल फैक्ट्री (फर्नेश ऑयल फैक्ट्री) में भीषण ब्लॉस्ट होने की खबर है। बताया गया है वहां काम करने वाले 4-5 लोग बुरी तरह झुलस गए हैं. ग्रामवासी इस फैक्ट्री को बंद करने की मांग वर्षों से करते रहे हैं, लेकिन प्रशासन और जनप्रतिनिधि भी ध्यान नहीं दे रहे बताया जा रहा है इस फैक्ट्री को प्रशासन से परमिशन मिला हुआ है.

घायल श्रमिकबिरकोनी फर्नेस ऑयल फैक्टरियों के भारी प्रदूषण से त्रस्त बिरकोनी के लोगों ने कई बार शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन किया जिसमें ग्रमीणों ने फैक्टरियों के प्रदूषण के खिलाफ लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं ग्रामीणों का कहना है कि भारी प्रदूषणकारी होने के कारण जो फर्नेस ऑयल उद्योग देश के तमाम राज्यों में प्रतिबंधित हैं. महासमुंद जिले के बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे हैं. 

टायर स्क्रब को जलाकर तेल निकालने वाली दो फैक्टरियों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण से बिरकोनी के लोग परेशान हैं। इन फैक्टरियों के अत्यंत बदबूदार धुएं के चलते कई बार सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। लोग उल्टी करने लगते हैं। फर्नेस ऑयल फैक्टरियों जहरीला धुआं तो छोड़ती ही हैं, साथ ही साथ कैमिकल युक्त घातक तरल अपशिष्ट को जमीन के अंदर डालती हैं. इससे भू-जल भी दूषित हो रहा है आसपास के बोरवेल से कार्बन युक्त काला-काला पानी निकलता है।

इन दोनों फैक्टरियों के प्रदूषण से लोग बीमारियों की चपेट में रहे हैं। वहीं कई लोगों को अपना घर-मकान छोड़ना पड़ा है इन दो फैक्टरियों के भारी प्रदूषण से आसपास की अन्य फैक्टरियों में कामकाज नहीं हो पाता इस कारण कई फैक्टरियों बंद हो गई हैं. ये दोनों फैक्टरियों जमीन पर, जमीन के भीतर और हवा में जहर तो घोल ही रही हैं. बॉयलर गर्म करने के लिए ईंधन के रूप लकड़ी का इस्तेमाल करते हुए बड़े पैमाने पर पेड़ों को भी खाक कर रही हैं. इस तरह पर्यावरण को भारी नुकसान इन फैक्टरियों द्वारा पहुंचाया जा रहा है.

करीब छह साल से गांव के लोग, ग्राम पंचायत तथा बिरकोनी इंडस्ट्रीज यूनियन द्वारा शासन-प्रशासन से लगातार शिकायत की जा रही है. कलेक्टर से सीएस तक और एमएलए से सीएम तक बार-बार शिकायत के बाद भी कोई समाधान नहीं मिल सका. इस फैक्ट्री के कारण प्रदूषण से बिरकोनी क्षेत्र में लोगों को हो रही स्वास्थ्य संबंधी तकलीफों पर भी रिपोर्ट मांगी गई है. इधर लोग आंखों में जलन, छाती में जलन दर्द, चर्मरोग, लंबी खांसी, एलर्जी, सांस लेने में दिक्कत आदि कई तकलीफों को लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं. विशेषकर पं. दीनदयाल उपाध्याय इलाके में बड़ी संख्या में लोगों के पीड़ित हैं.

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