रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के 29 जुलाई को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बतौर दो साल पूर्ण होने के अवसर पर आज राजभवन परिवार ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल सुश्री उइके ने इस अवसर पर कहा कि वे सौभाग्यशाली है कि उन्हें छत्तीसगढ़ का राज्यपाल बनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि मैंने पूरे भारत का भ्रमण किया है और यह महसूस किया कि छत्तीसगढ़ के लोग जैसे अत्यंत सहज और सरल लोग कहीं नहीं हैं। इन दो वर्षों के कार्यकाल को उन्होंने संतुष्टि भरा बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के दूरदराज इलाकों में भी यह संदेश गया है कि राजभवन के दरवाजे आम जनता के लिए भी खुले हैं।
यहां आने वाले लोगों को न्याय की आस रहती है और मैं उन्हें हर संभव मदद करने का प्रयास करती हूं। उनकी सहायता करके मुझे अत्यधिक सुकून मिलता है। राज्यपाल सुश्री उइके ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की बेहतरी के लिए शासन-प्रशासन के साथ समन्वय से कार्य करने को प्राथमिकता देती हूं, जिससे छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर हमेशा अग्रणी रहे। सुश्री उइके ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से वार्तालाप से हो, यह उनकी कोशिश रहेगी। साथ ही आदिवासियों को उनका हक दिलाने के लिए के लिए भी प्रयास करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि न्याय से वंचित लोगों को न्याय दिलाना मेरा मकसद है।
कार्यक्रम को विधिक सलाहकार आर.के. अग्रवाल, उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल एवं राज्यपाल के परिसहाय द्वय मेजर सिद्धार्थ सिंह, सूरज सिंह परिहार ने भी संबोधित किया। परिसहाय परिहार ने इस अवसर पर राज्यपाल के स्नेह को रेखांकित करती स्वरचित कविता भी पढ़ी। राजभवन परिवार की ओर से राज्यपाल सुश्री उइके को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। अंत में नियंत्रक हरवंश मिरी ने छत्तीसगढ़ी में धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर राजभवन के समस्त अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।

