विशेष लेख : गरियाबंद : उद्योग स्थापना की ओर जिले की बढ़ते कदम

 

गरियाबंद : राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने एवं समावेशी विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा नवीन औद्योगिक नीति 2019-24 लागू की गई है। इसके अंतर्गत कृषि एवं वन आधारित उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। धान तथा गन्ने से बायो एथेनॉल के उत्पादन को विशेष रूप से उच्च प्राथमिकता दी जायेगी, ताकि कृषि उत्पादों को स्थानीय स्तर पर समुचित मूल्य मिल सके। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार मुहैया कराने के लिए अकुशल श्रेणी के शत् प्रतिशत तथा कुशल श्रेणी के 70 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा नई औद्योगिक नीति अंतर्गत राज्य में फूड पार्क से स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने कार्य योजना बनाया गया है। गरियाबंद जिले में प्रत्येक विकासखण्ड में एक फूड पार्क स्थापना करने की योजना है। इस प्रकार गरियाबंद जिले ने भी फूड पार्क स्थापना की ओर अपनी कदम बढ़ाया है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में पहली फूड पार्क के लिए ग्राम सुरसाबांधा में 15.15 हेक्टेयर भूमि उद्योग विभाग को आबंटित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट इंण्डस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, रायपुर द्वारा नवीन फूडपार्क की स्थापना एवं अधोसंरचना विकास हेतु भूमि उद्योग विभाग द्वारा हस्तांतरित किया जा चुका है। उक्त भूमि के अधोसंरचना विकास होने के उपरांन्त खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना हेतु उद्यमियों को भूमि उपलब्ध कराई जावेगी।

 कुल रकबा 15.15 हेक्टेयर शासकीय भूमि में लगभग 80 इकाईयां स्थापित होगी। जिसके लिए लगभग 200 करोड़ पूंजी निवेश संभावित है एवं 1600 स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। इसके अलावा देवभोग विकाखण्ड के ग्राम कदलीमुड़ा में 10.78 हेक्टेयर भूमि आधिपत्य हेतु सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। इसी तरह गरियाबंद विकासखण्ड के डोंगरीगांव में 10.30 हेक्टेयर भूमि चिन्हांकित कर लिया गया है। अन्य विकासखण्डों में भी भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया तेजी से जारी है। चूंकि जिले में कृषि आधारित संसाधन मौजूद है इसलिए यहां फूड प्रोसेसिंग यूनिट जैसे राईस मिल, पोहा मिल, फल सब्जी आदि से संबंधित प्रसंस्करण उद्योग लगाये जायेंगे। फूड पार्क में उद्यमियों को यह सुविधा होगी

कि पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र और भूमि डायवर्सन की प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। राज्य के सीएसआईडीसी के माध्यम से क्षेत्र का विकास किया जायेगा और जरूरी संसाधन जैसे सड़क, बिजली पानी और अन्य मूलभूत सुविधा मुहैया करायी जायेगी। जिले में जल्दी ही फूड पार्क आकार लेगा। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक एस.के सिंह ने बताया कि सुरसाबांधा के कुल रकबा 15.15 हेक्टेयर शासकीय भूमि में लगभग 80 इकाईयां स्थापित होगी एवं लगभग 200 करोड़ पूंजी निवेश संभावित है। जिसमें 1600 स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। इसी प्रकार अन्य विकासखंण्डों में प्रस्तावित फूडपार्कों में भी लगभग 200 इकाईयां स्थापित होगी एवं 600 करोड़ पूंजी निवेश लगभग 4000 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध होगा। गरियाबंद जिले में तीनों फूडपार्क की स्थापना से केवल 280 नई खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित होंगी अपितु 800 करोड़ का पूंजी निवेश एवं 5600 लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा, जिससे लोगों के आय में वृद्वि एवं जीवन स्तर में भी सुधार होगा।

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