80 साल की उम्र में भी गेड़ी का हुनर दिखाने वाले धनीराम के पेंशन में दिक्कत, कलेक्टर ने दिये समाधान के निर्देश

 

कलेक्टर ने आवेदनों की सुनवाई की, पहले दिन लगभग 60 आवेदन आये
आवेदनों का हुआ प्रभावी निराकरण

दुर्ग। 80 साल के दुर्ग शहर के निवासी धनीराम साहू की एक दूसरी पहचान गेड़ी के हुनर की भी है। इस वजह से उन्हें संस्कृति विभाग से पेंशन मिलती है। साथ ही उन्हें वृद्धावस्था का पेंशन भी प्राप्त होता है। बीते तीन महीनों से किसी कारण से उनके बैंक खाते में पेंशन राशि नहीं पा रही थी। कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को मौके पर ही निर्देशित कर तकनीकी दिक्कत दूर कर राहत देने के निर्देश दिये। साहू ने बताया कि हर महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपने गेड़ी के साथ उन्होंने शिरकत की है। इस कला से गहरा लगाव होने की वजह से ही मुझे पेंशन देना तय किया गया था। धनीराम की तरह ही कुछ और आवेदन वृद्धावस्था पेंशन को लेकर आये।

कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को इन आवेदनों का परीक्षण कर तत्काल राहत देने के निर्देश दिये ताकि इनके खाते में पेंशन की राशि समय पर पहुंच सके। उल्लेखनीय है कि बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से कलेक्टर जनदर्शन स्थगित कर दिया था। स्थिति में सुधार आने पर सप्ताह के दो दिनों सोमवार और मंगलवार को इसे आरंभ करने का निर्णय लिया गया। मंगलवार को भी जनदर्शन होगा। बोरसी वेस्ट में सड़क और बिजली दुरुस्त करने की माँग- वेस्ट बोरसी में वरिष्ठ नागरिकों का एक समूह कलेक्टर से मिला। 

उन्होंने बताया कि बोरसी में सड़क के मरम्मत किये जाने की जरूरत है और साथ ही स्ट्रीट लाइट भी बेहतर करने की जरूरत है। जामुल से भी ऐसे ही एक वार्ड का आवेदन आया। मुरमंदा में भी ऐसा ही आवेदन आया। कलेक्टर ने बताया कि निगम एवं पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिन सड़कों में मरम्मत की जरूरत है उन्हें चिन्हांकित कर इन्हें दुरूस्त करने के उपाय आरंभ किये जाएं।

कोरोना पीड़ित की अनुदान राशि के लिए आवेदन- एक आवेदन कोरोना से अपने बेटे को खो चुकी माता का आया। कलेक्टर ने उन्हें बताया कि आपका आवेदन ले लिया गया है। आवेदनों पर प्रक्रिया अनुसार कार्रवाई की जा रही है। अनुदान राशि आपके खाते में जाएगी। विकास कार्यों को लेकर भी आये आवेदन- कलेक्टर जनदर्शन में अपने क्षेत्रों में विकास कार्य को लेकर भी नागरिकों ने आवेदन दिये। कलेक्टर ने इन कार्यों के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। इनमें से कुछ विकास कार्य ऐसे थे जिनकी स्वीकृति प्रक्रियाधीन है। कलेक्टर ने इनके बारे में विस्तार से बताया।

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