छत्तीसगढ़, उत्तरप्रदेश और बिहार के कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति
राष्ट्रीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव :जन-जातियों के प्रकृति प्रेम को करमा नृत्य ने किया जीवंत
अक्टूबर 29, 2021
इसी
तरह उत्तर प्रदेश
के कलाकारों ने
करमा देवता को
समर्पित करते हुए
वृक्षों की पूजा
करते हुए करमा
नृत्य की प्रस्तुति
दी। उत्तर प्रदेश
में पुरूषों एवं
स्त्रियों द्वारा ढोल एवं
तालियों की थाप
पर वृक्ष की
परिक्रमा करते हुए
करमा नृत्य किया
जाता है। आदि
सभ्यता से संबंधित
इस नृत्य में
वन सम्पदा और
प्रकृति से जुड़े
तत्वों के देवता
करमा के रूप
में धरती मां
और प्रकृति के
पंच तत्वों की
पूजा की जाती
है। बिहार और
उत्तर प्रदेश की
तरह छत्तीसगढ़ के
कलाकारों ने भी
मोर पंख लगाकर
पारंपरिक परिधान में ढोल
की थाप पर
मनोरम करमा नृत्य
की प्रस्तुति दी।
उन्होंने जंगल और
वन्यप्राणी और मनुष्य
के पारस्परिक सहजीवन
के दृश्य को
स्टेज पर जीवंत
कर दिया। छत्तीसगढ़
में भी प्रकृति
के देवता की
उपासना करते हुए
करमा नृत्य किया
जाता है। जिसके
माध्यम से प्राकृतिक
पेड़-पौधों को
जीवित रखते हुए
पर्यावरण को बचाने
का संदेश दिया
जाता है। आदिवासी
लोक नृत्य करमा
में जीवन रक्षा
के लिए प्रार्थना
की जाती है।
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