जिन्दल स्टील एंड पावर को कृषि प्रोत्साहन व बुजुर्ग कल्याण के लिए ग्रीनटेक अवार्ड

जाने-माने उद्योगपति और कुरुक्षेत्र से सांसद  नवीन जिन्दल के नेतृत्व वाली कंपनी जिन्दल स्टील एंड पावर को "कृषि प्रोत्साहन" और "वरिष्ठ नागरिक कल्याण" के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ग्रीनटेक अवार्ड-2025 से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर हुए सामाजिक कार्यों के मूल्यांकन के बाद 14 जून को नई दिल्ली में आयोजित एक सम्मान समारोह में कंपनी को उपरोक्त दोनों ही क्षेत्रों में सराहनीय योगदान के लिए ये दोनों सम्मान प्रदान किये गए, जो श्रीमती शालू जिन्दल के नेतृत्व वाले जिन्दल फाउंडेशन के माध्यम से समाज में व्यापक और सकारात्मक बदलाव लाने के जेएसपी के व्यापक दृष्टिकोण का परिचायक है।



जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिन्दल ने इस अवसर पर कहा,"इन दोनों ग्रीनटेक पुरस्कारों को पाकर हम गौरवान्वित हैं। यह सम्मान हमें पंक्ति के आखिरी व्यक्ति तक विकास की लौ पहुंचाने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। चाहे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक उपलब्ध कराना हो या बुजुर्गों के लिए गौरव और सम्मान का वातावरण तैयार करना, हमारे सभी प्रयास सेवा भावना से प्रेरित हैं। यह पुरस्कार मैं अपनी टीम और उन जुझारू समुदायों को समर्पित करती हूं, जिनके साथ हम निरंतर काम कर रहे हैं।" दोनों क्षेत्रों में मिले सम्मान के लिए उन्होंने निर्णायक मंडल का भी आभार व्यक्त किया।


"कृषि प्रोत्साहन" के लिए मिला पुरस्कार इस बात की पहचान है कि जिन्दल फाउंडेशन ने गांवों और आदिवासी क्षेत्रों में किसानों को आगे बढ़ाने के लिए अच्छा काम किया है। फाउंडेशन ने अब तक 25,000 से अधिक किसानों को जैविक खेती, पानी की बचत वाली सिंचाई, खेती के नए उपकरणों के प्रयोग और मिट्टी की अच्छी सेहत बनाए रखने की ट्रेनिंग दी है। इससे किसानों की फसल का उत्पादन बढ़ा, आमदनी बढ़ी और साथ ही साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला। 


हाल ही में, अंगुल जिले में किसानों के लिए मोबाइल सॉइल टेस्टिंग लैब की शुरुआत श्रीमती शालू जिन्दल ने की, जो नवीन जिन्दल के दृष्टिकोण पर आधारित प्राकृतिक खेती के मिशन का अगला चरण है।

जिन्दल फाउंडेशन की वाटरशेड विकास परियोजना और बाड़ी कार्यक्रम की तो अनेक राष्ट्रीय मंचों पर सराहना की गई है। 


"वरिष्ठ नागरिक कल्याण" के लिए मिला ये पुरस्कार इस बात का सबूत है कि जिन्दल स्टील एंड पावर बुजुर्गों के मान-सम्मान और उनकी देखभाल को अपना दायित्व मानती है। जिन्दल फाउंडेशन की मोबाइल हेल्थ क्लिनिक, डे-केयर सेंटर, घर-घर जाकर दी जा रही स्वास्थ्य सेवाएं और मानसिक सेहत के लिए परामर्श जैसे कार्यक्रम विशेष रूप से गांवों में रहने वाले हजारों बुजुर्गों के लिए लाभकारी साबित हुए हैं। इन पहलों से बुजुर्गों के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सामाजिक जुड़ाव में सुधार हुआ है।


फाउंडेशन जरूरतमंद बुजुर्गों के पोषण और देखभाल के लिए विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों के साथ साझेदारी कर रहा है और शीघ्र ही "जिन्दल अपना घर" के नाम से एक आधुनिक सुविधा-संपन्न वृद्धाश्रम की स्थापना करने जा रहा है, जहां वरिष्ठ नागरिक गरिमापूर्ण और स्वस्थ जीवन जी सकेंगे।


इन दो ग्रीनटेक पुरस्कारों के माध्यम से जेएसपी और जिन्दल फाउंडेशन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि इनोवेशन और समावेशन को साथ लेकर चलने वाली उनकी सोच, भारत में सामाजिक परिवर्तन की एक प्रेरक शक्ति है।

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