महासमुंद, 06 दिसम्बर 2019/शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय महासमुन्द में आज 06 दिसम्बर 2019 को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला प्रशासन की ओर से नवजीवन कार्यक्रम एवं महाविद्यालय के आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वाधान में मानसिक स्वास्थ्य विषय पर कार्यशाला का आयोजन जिला चिकित्सालय के मनोरोग विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री आर. पी. खुंटे मनोचिकित्सक, डॉ. अनुसुइया अग्रवाल प्रभारी प्राचार्य, विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. जया ठाकुर, डॉ. रीता पाण्डे्य, डॉ. मालती तिवारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। डॉ. अनुसुइया अग्रवाल ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। मुख्य वक्ता श्री आर. पी. खुंटे ने बताया कि महासमुन्द जिले में आत्महत्या की दर छत्तीसगढ़ प्रदेश में सबसे अधिक है, इसकी रोकथाम के लिए हमें सार्थक प्रयास करना चाहिए। उन्होंने बताया कि आत्महत्या के प्रमुख लक्षण स्वयं के लिए नकारात्मक दृष्टिकोण, अलगाव, एकाकीपन, मादकद्रव्यों का सेवन का बढ़ना, दूसरों को बोझ समझना, आक्रमकता एवं चिड़चिड़ापन आदि है। हमें अपने निकट के लोगों में इन लक्षणों को समझना होगा और उनकी मदद करने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में तनाव प्रबन्धन के कारण एवं निदान के उपाय बताए गए। खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों को तनाव उत्पन्न करने वाले कारणों के बारे में बताया गया। डॉ. रीता पाण्ड्ेय-विभागाध्यक्ष इतिहास ने भी विद्यार्थियों को तनाव प्रबन्धन के टिप्स दिये। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. वैशाली गौतम हिरवे ने किया एवं अभार प्रदर्शन डॉ. जया ठाकुर द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालयीन स्टॉफ के साथ-साथ छात्रगण उपस्थित थे।

