बाहर से आए लोगों की अंगुलियों पर लग रही है स्याही, घर के बाहर पाए गए तो दर्ज होगी एफआईआर

चिन्हांकनः- अमिट स्याही लगा कर कोरोना संदिग्ध क्वारंटीन प्रकरणों को किया जा रहा है चिन्हांकित। 

‘‘गुरूवार की बीती रात तिरूपति से आए अट्ठारह नए संदिग्धों को पहचान के लिए लगाई गई चुनाव वाली कोरोना अमिट स्याही, क्वारंटीन चिन्हितों के बाहर घूमते पकड़े जाने पर उनके खिलाफ दर्ज की जाएगी प्राथमिकी‘‘

महासमुंद। कोरोना वायरस हर गुजरते दिन के साथ विकराल रूप लेता जा रहा है। लॉकडाउन होने के बावजूद जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। अब तक कुल तकरीबन 28 लोगों को होम क्वारंटीन में रखा जा चुका है। ताजा जानकारी के अनुसार गुरूवार की रात तिरूपति से महासमुंद पहुंचे अट्ठारह ग्रामीणों को भी संदेहादस्पद परिस्थितियों में चिन्हांकित कर शहर के नयापारा स्थित टाउन हॉल में आश्रय दिया गया है। वहीं, अन्य जिलों में स्थापित होम क्वारंटीन के संदिग्ध मरीजों के बेधड़क बाहर घूमते पाए जाने की सूचनाएं मिलने से जिले का स्वास्थ्य अमला पहले से ही सतर्क हो गया है। गुरूवार 26 मार्च 2020 की रात ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसपी वारे के निर्देशानुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार और कोरोना वायरस संक्रमण दल के जिला नोडल अधिकारी डॉ अनिरुद्ध कसार ने यहां निरीक्षण और परीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध मरीजों के बाएं हांथ की अंगुलियों पर अमिट स्याही (चुनाव के दौरान उपयोग में लाई जाने वाली स्याही जो लंबी समय तक नहीं मिटती) लगा चिन्हांकन किया गया। स्याही इस बात की गवाह रहेगी कि उन्हें संक्रमण की संदिग्धावस्था में रखा गया है। जिसमें उन्हें संयमित रहते हुए स्वयं के साथ दूसरों के स्वास्थ्य हित में होम क्वारंटीन जैसे नियमों का कड़ाई से पालन करना है। बता दें कि यह स्याही कोई आम स्याही नहीं है इसे शासन स्तर पर कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए अनुमति दी गई है। जिससे संक्रमण के संदिग्ध लोग स्वयं के साथ दूसरों के जीवन से खिलवाड़ न करें। इसके अंगर्तत चिन्हांकन के बाद भी बाहर घूमते पाए जाने पर उनके विरुद्ध प्राथमिकी तक दर्ज किए जाने के प्रावधान है। अर्थात इन नियमों के उल्लंघन को अपराध की श्रेणी में रखा गया है।

क्वारंटीन केंद्र में भी पालन करने होंगे नियम

डीपीएम श्री ताम्रकार के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद तय किया जाएगा कि उक्त प्रकरणों में संदिग्ध मरीजों क्वारंटीन केंद्र में रखा जाएगा या नहीं। लेकिन, पहले से की गई तैयारी में तीन विशेषज्ञ चिकित्सों में डॉ गदाधर पंडा, डॉ के बी सिंह , और डॉ सर्वेश दुबे सहित एएनएम सुश्री लता साहू के अनुभवी दल को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं हैं।
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