महासमुन्द 06 मार्च 2020/ कलेक्टर श्री सुनील कुमार जैन ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विकास विभाग के अधिकारियों एवं मैदानी स्तर के कर्मचारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान कार्यक्रम जिले में चिन्हांकित कुपाषित बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने में सहायक बने। इसके लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी को सजग रहकर ईमानदारी पूर्वक कार्य करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान कार्यक्रम के लिए जिला पंचायत के सदस्यों द्वारा लघु गौण खनिज मद अंतर्गत एक करोड़ 35 लाख 60 हजार रूपए से भी अधिक की राशि व्यय के लिए स्वीकृति की गई है। इसके तहत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप् से खनन से प्रत्येक विकासखंड के प्रभावित क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायतों द्वारा सुपोषण अभियान के निर्धारित गाईड लाईन के अनुसार कुपोषण मुक्त करने के लिए एक से तीन वर्ष तक के कुपोषित बच्चों तथा शिशुवती एनीमिक महिलाओें को आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से पौष्टिक, गरम भोजन एवं अन्य आवश्यकतानुसार चीज उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। उन्होनें अधिकारियों को साफ तौर पर कहा है कि इस अभियान में किसी भी तरह से कोई चूक नहीं होना चाहिए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों गर्भवती माताओं, एवं हितग्राहियों को प्रतिदिन जो भी खाना खिलाया जाएगा। उसका प्रतिदिन अपस्थिति पत्रक पर एंट्री करें। उन्हें निर्धारित मेनु के अनुरूप भोजन कराएं। तथा इन आंगनबाड़ी केन्द्रों पर फलैक्स के माध्यम से प्रत्येक सप्ताह हितग्राहियों को जों भी निर्धारित गाईड लाईन के अनुसार भोजन कराया जाएगा। प्रतिदिन उसका आंगनबाड़ी केन्द्रों पर फलैक्स के माध्यम से उसे यथाशीघ्र चश्पा कराएॅ। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर हितग्राहियों का रजिस्टर पंजी बनाकर रखे। ताकि समय-समय पर किए जाने वाले सोशल ऑडिट में बताया जा सके। आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए जो भी सामाग्रियाँ क्रय किया जाता है, वो सामाग्री गुणवत्तापूर्ण हो और खरीदी की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से किया जाए। सोशल ऑडिट के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, अभिभावकों को भी आमंत्रित करें। सोशल ऑडिट की एक प्रति केन्द्रवार परियोजना अधिकारी अनिवार्य रूप से रखे ताकि कुछ खामियाँ मिलने पर उसमें और सुधार किया जा सके।
बैठक में कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि आगामी 8 मार्च को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में विशेंष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। ग्राम सभा में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहकर जिला पंचायत से प्राप्त लघु गौण खनिज मद अंतर्गत उपलब्ध राशि के बारे एवं उनके क्रियान्वयन तथा विभागीय अभियान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी ग्रामीणों को अनिवार्य रूप् से दे। उन्होने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों पर शिकायत पेटी लगाए। इस शिकायत पेटी में आंगनबाड़ी से संबंधित कोई भी शिकायत दर्ज कर सकते है। शिकायत पेटी की चाबी सुपरवाईजर रखें।
उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान कार्यक्रम आगामी 12 मार्च 2020 से प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्रों पर शुरूआत करें। सभी बच्चों का वजन त्यौहार कार्यक्रम में 15 मार्च से 23 मार्च वक चलेगा। बच्चों का वजन त्यौहार पारदर्शी तरीकें से करें। इसके लिए कर्मचारियों को कलस्टर अनुसार प्रशिक्षित करें। इसका मुनादी, प्रचार-प्रसार ग्राम पंचायतों पर कोटवार के माध्यम से कराएं वजन त्यौहार में कोई भी बच्चा वजन लेने मे छुटना नहीं चाहिए। तथा इसका एंट्री जनपद स्तर पर करें।
पूरक पेषण आहार स्व सहायता समूह के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण बनवाएं। इसके लिए गांववार निगरानी समिति बनाए अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 234 आवेदन प्राप्त हुए है, जिनका सत्यापन परियोजना स्तर पर गठित टीम द्वारा सत्यापन कराए। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. रवि मिततल जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री मनोज सिन्हा, समस्त परियोजना अधिकारी सहित सेक्टर सुपरवाईजर उपस्थित थे।

