महासमुंद 28 अगस्त/रखवार की लापरवाही से हुई पशुओं की मौत,जांच में आयी बात सामने

 संबंधियों के ख़िलाफ़ पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख़्त कार्यवाही के दिए निर्देश 
गंभीर मवेशियों का किया जा रहा इलाज 
महासमुंद 28 अगस्त 2020/ महासमुंद विकासखंड के ग्राम लभराखुर्द में सात मवेशी की अचानक मृत्यु तथा सात मवेशी गंभीर अवस्था में होने की जानकारी मिलने पर  तत्काल ज़िला प्रशासन के पशु चिकित्सा की टीम घटना स्थल के लिए रवाना की गई। गंभीर मवेशियों का पशु चिकित्सा द्वारा इलाज किया जा रहा है। एक टीम वस्तु स्थिति की जांच करने मौके पर पहुंचायी गई। इस जांच टीम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत महासमुंद, नायब तहसीलदार, स्थानीय सरपंच, सचिव तथा हल्का पटवारी शामिल थे । टीम ने वस्तुस्थिति से अवगत होकर जांच की कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच  में पाया गया कि ग्राम लभराखुर्द में ग्रामवासियों द्वारा खेतों में ग्राम के एवं अन्य ग्राम के घुमंतु मवेशियों को रोकने के लिए रखवार की व्यवस्था की गई थी। रखवार को प्रति घर खेत के हिसाब से धान के रूप में मेहताना दिया जाता है। ग्रामीणों द्वारा नर्सरी की जमीन में तार घेरा कर बाड़ बनाया गया है जिसमें रखवार खेतों में चरने वाले मवेशियों को लाकर नर्सरी में रखा जाता था । रखें गये मवेशियों को ग्राम वासियों द्वारा चारापानी की व्यवस्था की जाती थी । मवेशियों को बांध कर रखने की जानकारी भी मिली है । जिसके कारण वह चारा खाने एवंके लिए और बारिश से बचने के लिए सुरक्षित स्थान पर नही पहुँच पायी । 

जांच में पाया गया कि  रखवार द्वारा नर्सरी में पांच-छः दिन पूर्व लगभग 15 -20 घुमंतू मवेशियों को उनके द्वारा नर्सरी में रखा गया था ।  तीन दिनों से बारिश होने के कारण  मवेशियों के लिए चारा-घास की व्यवस्था नहीं की गयी और न ही इस और ध्यान दिया गया । कोटवार ने जानकारी देते हुए  बताया गया कि ग्रामीणो द्वारा मवेशियों को अस्थायी रूप से नर्सरी में रखने की व्यवस्था पिछले वर्ष से की जा रही है। जलेकिन इस की जाकनारी ग्राम पंचायत या अन्य संबंधित विभाग को नहीं दी गई ।  ग्राम लभरा के उपस्थित प्रमुखों ने बताया कि गांव के खेतों में घुमंतू मवेशियों द्वारा फसल क्षति को रोकने के लिए रखवार की व्यवस्था तथा नर्सरी में तार घेरा कर उन मवेशियों को रखने की व्यवस्था की गई थी। भारी बारिश के चलते पशु आहार एवं बारिश से बचने संबंधी समुचित उपाय मवेशियों के लिए नहीं किया गया था, जिससे यह घटना हुई। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें दफनाया गया तथा गंभीर पशुओं का ईलाज कराया गया।

कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल ने इसे गंभीरता से लिया है । पशुओं के प्रति अमानवीय व्यवहार को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्ती से करवाई कर रहा है । संबंधियों के ख़िलाफ़ पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख़्त कार्यवाही करने के निर्देश के साथ ही संबंधियों के ख़िलाफ़ एफआरआइ करने कहा है ।
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