नाटक सृजन पर आधारित 16वें व्याकरण शाला का काव्य संसद में हुआ आयोजन सात विभिन्न जिलों के साहित्यकारों ने दिया व्याख्यान

डिग्री लाल सिदार (छत्तीसगढ़ सेवा)
रायगढ़- काव्य संसद साहित्य साधना सभा छत्तीसगढ़ के वर्चुअल पटल में 16वें व्याकरण शाला का आयोजन हुआ। साहित्य साधना सभा, छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष पुखराज प्राज ने कार्यक्रम की रूप रेखा रखते हुए कहा कि वर्तमान समय में नाटक और नाटककारों की संख्या कम होना साहित्य जगत के लिए विचारणीय विषय है। व्याकरण शाला के माध्यम से हम विविध विधाओं में सृजन, उस विधा के विकास और इतिहास विचार विमर्श कर रहे हैं। जिससे साहित्य के नवांकुरों के इन विधाओं में सृजन हेतू ज्ञान प्राप्त हो सके। साहित्य साधना सभा के उप-प्रांताध्यक्ष डिग्री लाल जगत जी ने बताया कि हमारे समूह में गद्य एवं पद्य दोनों विधाओं के लिए हमारे साहित्यकार कार्य कर रहे हैं। वर्तमान समय में दैनिक काव्य सृजन में अलंकारों के साथ रचनाओं का संकलन एवं सृजन निरंतर जारी है। सह संस्थापक सुन्दर लाल डडसेना ने बताया कि साहित्य के साथ-साथ  हमारा मंच योग और खेलकूद के क्षेत्रों में भी कार्य कर रहा है। 

 

अगले क्रम में व्याकरण शाला में नाटक के परिचय के संदर्भ में जानकारी मुंगेली जिले से युवा हस्ताक्षर कवि नागेश कश्यप ने समूह के मध्य दी। नाटक के शब्दावली के संदर्भ में जानकारी जांजगीर-चांपा से  साहित्यकार गिरधारी लाल चौहान ने समूह के मध्य रखा। प्राथम्य नाटकों के मंचन के संदर्भ में व्याख्यान के लिए कोरिया जिले से साहित्यकार तारा पांडेय उपस्थित रहीं। जिला बलौदाबाजार से साहित्यकार लीलाधर कुम्हार के द्वारा आधुनिक हिन्दी नाटक पर व्याख्यान दिया। इसी कड़ी में बिलासपुर से कवयित्री सावित्री यादव के द्वारा प्राचीन हिंदी नाटक के संदर्भ में जानकारी दिया गया। नाटक के सृजन के संदर्भ में आवश्यक तत्वों पर आधारित व्याख्यान कांकेर से वरिष्ठ कवयित्री नलिनी बाजपेयी ने दिया। अंतिम वक्ता के रूप में साहित्य साधना सभाध्यक्ष पुखराज प्राज के द्वारा नाटक के प्रकारों पर व्याख्यान देते हुए, नाटक सृजन के संदर्भ में विभिन्न जानकारियां समूह के मध्य रखा गया।इस आयोजन के दौरान विभिन्न जिलों से नलिनी बाजपेयी, माधवी गणवीर, पदमा साहू, मीरा आर्ची चौहान, गोमती सिंह, सीमा साहू, नागेश कश्यप, देवयानी शुक्ल, डिग्री लाल जगत, गिरधारी लाल चौहान, कृष्ण कुमार ध्रुव, सावित्री यादव, शैलेंद्र चेलक,पुष्पा पटनायक, लीलाधर कुम्हार, गुलशन खम्हारी, तारा पांडेय, विनोद कुमार जोगी, उर्मिला सिदार,दूज राम साहू, अजय पटनायक, गावस्कर कौशिक, प्रिया गुप्ता, संतराम कुम्हार, शैलेंद्र धिरहे,सुन्दर लाल डडसेना सहित राज्य के विभिन्न जिलों से साहित्यकारों की ई- उपस्थिति रही।

बॉक्स 1:-

5 जिलाध्यक्षों का हुआ निर्वाचन, योग और खेलकूद के शाखा का हुआ गठन


साहित्य साधना सभा, छत्तीसगढ़ के पंजीकरणोपरांत् विभिन्न जिलों में शाखा के जिलाध्यक्ष हेतू 20 सितम्बर तक नामांकन भरे गए। निर्वाचन प्रक्रिया में केन्द्रीय समिति के द्वारा 5 जिलों के जिलाध्यक्षों के लिए क्रमशः

 

विनोद कुमार "जोगी" जिला महासमुन्द, अजय पटनायक जिला रायगढ़, गिरधारी लाल चौहान जिला जांजगीर-चांपा, बिजेन्द्र अहीर जिला  कोरिया, कृष्ण कुमार ध्रुव जिला  सूरजपुर के नामों पर अनुशंसा किया गया। वहीं योग एवं योग साधकों को एक मंच प्रदान करने हेतू योग साधना सभा का गठन किया गया । जिसके प्रमुख के रूप में गुलशन खम्हारी का चयन किया गया। खेलकूद शाखा के रूप में खेल एवं कराटे साधना सभा (बाराडोली) छत्तीसगढ़ का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष के रूप में भोजराज साहू का नाम मनोनीत किया गया।

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