(छत्तीसगढ़ सेवा) आदिवासी विकास विभाग रायपुर के सहायक आयुक्त ने आज यहां बताया कि वर्ष 2020-21 में अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति हेतु आनलाईन एन.एस.पी पोर्टल प्रारंभ हो गया है तथा अल्प संख्यक के एन.एस.पी पोर्टल में स्कूल एवं काॅलेजों के छात्रवृत्ति हेतु आनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक निर्धारित कि गई है। उन्होने बताया कि भारत सरकार अल्प संख्यक मंत्रालय द्वारा कक्षा पहली से महाविद्यलयीन स्तर तक मुस्लिम, इसाई, सिक्ख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदाय के नियमित अध्ययनरत विद्यार्थियों से अल्पसंख्यक प्री. मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक एवं मेरिट-कम-मीन्स के अंतर्गत नवीन एवं नवीनीकरण विद्यार्थियों से ऑनलाईन आवेदन नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल www.scholarship.gov.in में आमंत्रित किये गये है।
सहायक आयुक्त ने बताया आवेदित विद्यार्थी को छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है तथा विद्यार्थी (नवीन अथवा नवीनीकरण) का अंतिम वार्षिक परीक्षाफल 50 प्रतिशत या उससे अधिक हो, स्वयं का आधार नंबर हो, स्वयं का बैंक खाता हो (जो अधार से लिंक हो) मोबाईल नंबर हो एवं अभिभावक की वार्षिक आय प्री.मैट्रिक के लिए एक लाख, पोस्ट मैट्रिक के लिए दो लाख एवं मेरिट-कम- मीन्स के लिए ढाई लाख रूपये से कम होना चाहिए। ऑनलाईन आवेदन फार्म समस्त आवश्यक दस्तावेज सहित संबधित अध्ययनरत संस्था से
ऑनलाईन वेरीफिकेशन होने के उपरांत आवेदन फार्म संस्था द्वारा जिला कार्यालय, आदिवासी विकास रायपुर में जमा किया जाना है। जिन संस्थाओं में अल्पसंख्यक समुदाय के ऑनलाईन आवेदन किये है, वे संस्थायें नेशनल स्कालरषिप पोर्टल में अपनी संस्था का लॉगिन कर उक्त आवेदनों का वेरीफिकेशन करेंगे। वेरीफिकेशन के उपरांत ही विद्यार्थी का आवेदन (समस्त दस्तावेजों सहित) सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास रायपुर में 02 नवम्बर 2020 तक जमा किया जाना है। कोई भी आवेदन विद्यार्थी अथवा अभिभावक द्वारा सीधे जिला कार्यालय में जमा नही लिया जायेगा।
उन्होने बताया जिस संस्थाओं ने अभी तक अपना आनॅलाईन छात्रवृत्ति स्वीकृति हेतु आई.डी. एवं पासवर्ड जनरेट नही करवाये है। वे जिला कार्यालय रायपुर के स्कालरशिप शाखा में आकर अपनी संस्था का रजिस्ट्रेशन करवाना सुनिश्चित करें। निर्धारित तिथि के बाद किसी भी संस्था का ऑनलाईन रजिस्टेशन एन.एस.पी. पोर्टल में नहीं हो पायेगा। यदि संस्था रजिस्टर्ड नही होती है, तो उस संस्था के छात्र-छात्राएँ अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति से वंचित हो जायेंगें। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संस्था प्रमुख की होगी।

