सुदूर आदिवासी अंचलों कह रहवासियों को हर बार मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करते देखा गया है, सुदूर अंचलों तक शासन द्वारा मूलभूत सुविधाओं का नहीं पहुंचने से यहां के रहवासियों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है। शासन द्वारा मूलभूत सुविधाओं का क्रियान्वयन ग्रामीण अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों तक पहुंच पा रही है या नहीं इस और किसी का ध्यान नहीं जाता और ना हीकोई जिम्मेदार इस ओर झांकने आते
ब्लॉक मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर राजापड़ाव क्षेत्र, उड़ीसा सीमा पर बसा संवेदनशील सुदूर आदिवासी ग्राम झोलाराव जहां के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं और यहां के ग्रामीणों तक शासन के मूलभूत सुविधाओं का सफल क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। यहां के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं से कोसों दूर है। सड़क, पानी, बिजली जैसे मूलभूत व्यापक समस्याओं से यहां के ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है। यहां तक पहुंचने तक के लिए पक्की मार्ग तो दूर कच्ची मिट्टी की मार्ग तक नहीं है। यहां के लोग आज भी पगडंडियों और खेतों के मेड़ों के सहारे आवागमन करते हैं।
गांव में सौर ऊर्जा चलित लाइट उपकरण स्थापित किया गया है, और वह भी इन दिनों अपना जवाब दे रही है। बमुश्किल से रात के 8, 09 बजे तक जलता है, ऐसे में अंधेरों के सहारे ही पूरी रात गुजारनी पड़ती है। और चारों तरफ से जंगलों और पहाड़ों से घिरे होने के कारण गांव में जंगली जानवरों का भय हमेशा बना रहता है। युवा संघर्ष मोर्चा गरियाबंद जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप ने ग्राम झोलाराव पहुंच कर ग्रामीणों से उनके व्यापक समस्याओं से अवगत हुए।
इस दौरान ग्रामीण लखुराम कुंजाम, प्रेमलाल नेताम ने बताया कि हमने अपने मूलभूत समस्याओं के लिए कई बार क्षेत्र के जिम्मेदार नेताओं एवं अधिकारियों तक आवेदन निवेदन कर चुके हैं, लेकिन हमें इन मूलभूत समस्याओं से निजात दिलाने हेतु किसी भी प्रकार का पहल नहीं किया जा रहा है। हमारे गांव में प्रमुख रूप से सड़क, बिजली, नेटवर्क, की गंभीर समस्या है, हमारे गांव में चलने तक के लिए सड़क नहीं है हम लोग आवागमन करने के लिए खेतों की मेड़ों और पगडंडियों का सहारा लेते हैं, गांव तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं होने के कारण आपातकालीन स्थिति में गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ता है, गांव में सौर ऊर्जा लाइट है लेकिन रात के समय में ज्यादा देर तक नहीं जलता, जिस वजह से हमें अंधेरों में ही रात गुजारनी पड़ती है। हमारी समस्याओं को जानने व देखने के लिए कोई भी जिम्मेदार नेता, अधिकारी गांव तक नहीं आते। और ना ही हमारी समस्याओं को जानने का प्रयास करते हैं।
इस संबंध में युवा संघर्ष मोर्चा जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप ने कहा-
वास्तविकता में झोलाराव के ग्रामीणों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं सहित मूलभूत सुविधा नहीं पहुंच पा रही है। एक तरफ सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे प्रस्तुत कर रही है, तो दूसरी तरफ आज भी सुदूर आदिवासी अंचलों के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। जोकि बहुत ही दुर्भाग्य की बात है, बहुत ही निराशाजनक है, जिम्मेदार अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिेए,
यहां के ग्रामीणों को मूलभूत समस्याओं से निजात दिलाने सड़क से लेकर सदन तक की लड़ाई भी करनी पड़े तो मैं जरूर लडूंगा, और यहां के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं से लाभ दिलाने हर संभव प्रयास करूंगा
इस मौके पर प्रमुख रूप से कृष्ण कुमार यादव, खिलावन यादव, लखुराम कुंजाम, प्रेमलाल नेताम, रूप सिंह मंडावी, धनसाय नेताम, सुखचन्द मरकाम, रतिराम कुंजाम, हगरू राम नेताम, समारू मरकाम, तिहारू मरकाम सहित ग्रामीण उपस्थित रहे


